सीकर जिले में प्री-मानसून बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई ने जोर पकड़ लिया है। कृषि विभाग ने इस साल 4.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य तय किया है।
मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति भोपाल में विभिन्न हितधारकों के साथ मंथन करेगी।
रांची के रहने वाले मोहम्मद सिराज ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मधुमक्खी पालन में अपनी पहचान बनाई है। आज उनके ब्रांड का सालाना टर्नओवर 15 लाख रुपये से अधिक है और वे बड़ी कंपनियों को शहद की सप्लाई कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक रिटायर्ड शिक्षिका ने अपने बीमार बेटे को जहर देने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली।
मंडी जिले के सुंदरनगर में शराब के नशे में धुत बेटे ने अपनी मां की जान ले ली। शिमला सचिवालय में कार्यरत महिला की मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सामने आए वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जयपुर के जोबनेर स्थित ज्वाला माता मंदिर की सड़क का निर्माण चार साल से अधूरा है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाकों में पारंपरिक जल स्रोतों यानी बेरियों को पुनर्जीवित करने का काम जोरों पर है, जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों और वन्यजीवों को बड़ी राहत मिल रही है।
शिवपुरी के जगदीश कुशवाह ने PMFME योजना का लाभ उठाकर अपने 60 साल पुराने मिठाई के कारोबार को हाईटेक बनाया है। स्टीम बॉयलर मशीन लगाने से उनकी ईंधन लागत आधी रह गई और मासिक आय बढ़कर 60-70 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
रांची के मशहूर उद्योगपति महेश पोद्दार की सफलता की कहानी संघर्ष और मेहनत से भरी है। एक छोटे से कमरे से अपनी कंपनी की शुरुआत करने वाले महेश पोद्दार आज देश के प्रमुख शहरों में अपने औद्योगिक साम्राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक दुखद घटना में प्राचीन मंदिर का 108 फीट ऊंचा गुंबद ढह गया, जिससे मलबे में दबकर एक सेवादार की जान चली गई।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में नवजात शिशुओं को बुरी नजर और बीमारियों से बचाने के लिए एक प्राचीन परंपरा आज भी जीवित है, जिसे फूंद्रा कहा जाता है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में निहंग सिखों द्वारा एक गुरुद्वारे पर नियंत्रण करने की खबर सामने आई है। स्थानीय प्रशासन ने स्थितियों को पूरी तरह नियंत्रण में होने का दावा किया है।
बरसात के दिनों में नमी और कीचड़ के कारण पशुओं के खुरों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। भीलवाड़ा के विशेषज्ञों ने दूध उत्पादन सुरक्षित रखने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय बताए हैं।
खेतों और चरागाहों में उगने वाले कुछ सामान्य दिखने वाले पौधे मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञ पशुओं को इनसे बचाने के उपाय और जहर के असर को कम करने के तरीके बता रहे हैं।
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