मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड: 6 आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी, AK-47 से हुई थी सनसनीखेज हत्या बिहार एक घंटा पहले 5
बिहार के मुजफ्फरपुर में साल 2018 में हुए पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके ड्राइवर की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। साक्ष्यों की कमी के चलते नामजद सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

कोर्ट का बड़ा फैसला

बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शहर के चर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए 6 आरोपियों को बरी कर दिया है। मुजफ्फरपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सबूतों के अभाव में यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है। इस हत्याकांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था क्योंकि इसमें आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।

किन लोगों को मिली राहत

अदालत के इस फैसले के बाद जिन 6 आरोपियों को बरी किया गया है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:

  • पिंटू सिंह
  • रनंजय ओंकार
  • सुशील छापरिया
  • नवीन कुमार
  • श्यामनंदन मिश्र
  • सुजीत कुमार

क्या था पूरा मामला

यह घटना 23 सितंबर 2018 की शाम को घटित हुई थी। पूर्व मेयर समीर कुमार अपने चालक रोहित कुमार के साथ अखाड़ाघाट स्थित अपने होटल से कार में सवार होकर घर लौट रहे थे। जब उनकी कार चंदवारा के नवाब रोड के पास पहुंची, तभी बाइक पर सवार नकाबपोश बदमाशों ने अत्याधुनिक हथियार AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में पूर्व मेयर और उनके चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। जांच में मुख्य रूप से जमीन विवाद को इस हत्या की वजह बताया गया था।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई थी घटना

इस हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसने लोगों को हैरान कर दिया था। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि दो अपराधी बाइक पर सवार होकर पहले से ही घात लगाकर इंतजार कर रहे थे। जैसे ही समीर कुमार की कार वहां पहुंची, अपराधियों ने गाड़ी के सामने बाइक अड़ा दी और AK-47 से ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल गया था और यह शहर की सबसे बड़ी वारदातों में गिना गया।

शूटर और ठेकेदार की हुई थी गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की थी। मुजफ्फरपुर के ही रहने वाले शूटर गोविंद को पटना हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, सदर थाना क्षेत्र के कच्ची पक्की इलाके से पुलिस ने अवधेश सिंह नामक एक ठेकेदार को भी पकड़ा था। छापेमारी के दौरान अवधेश के घर से एक राइफल, एक बंदूक और भारी मात्रा में गोलियां बरामद हुई थीं। हालांकि ये हथियार लाइसेंसी थे, लेकिन उनके लाइसेंस अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड से बनवाए गए थे। सबसे बड़ी बात यह थी कि अवधेश ने इन हथियारों की एंट्री मुजफ्फरपुर में नहीं करवाई थी। ठेकेदार अवधेश सिंह की गिरफ्तारी के तीन दिन बाद ही शूटर गोविंद को पकड़ा गया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने सभी 6 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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