राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा प्रहार
स्वतंत्रता दिवस के उत्सव से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियां देश भर में अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में पंजाब, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में चलाए गए एक व्यापक अभियान के दौरान 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन लोगों की सक्रियता का सीधा संबंध पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध हैंडलर्स और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित नेटवर्क से हो सकता है।
विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नेटवर्क का खुलासा
जांच एजेंसियों ने इन तीनों राज्यों में हो रही संदिग्ध गतिविधियों का अलग-अलग ब्योरा दिया है। पंजाब में स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है, जहां निम्नलिखित मामलों की पड़ताल की जा रही है:
- रेलवे नेटवर्क की रेकी करने की साजिश।
- तरनतारन इलाके में ड्रोन के माध्यम से हथियार मंगवाने की घटनाएं।
- पेट्रोल बम और विदेशी निर्मित पिस्तौलों की बरामदगी।
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में संदिग्धों के विदेशी फोन नंबरों और सोशल मीडिया के जरिए बनाए गए संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। दिल्ली में भी इस मामले से जुड़े संभावित नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है।
अगली कड़ी में क्या है एजेंसियों की प्राथमिकता
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित है:
- आतंकी गतिविधियों के लिए की जा रही फंडिंग का स्रोत पता लगाना।
- युवाओं को बरगलाकर भर्ती करने के तरीकों का खुलासा करना।
- संदिग्धों के डिजिटल नेटवर्क और उनसे जुड़े तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण।
- इस पूरे साजिश के पीछे छिपे मास्टरमाइंड की पहचान करना।
एजेंसियों ने दावा किया है कि पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर आगे की धरपकड़ जारी रहेगी।
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