साजिश या प्रदर्शन की मार? जानिए वो तीन वजहें जिनके चलते सूर्यकुमार यादव से छिनी टी-20 कप्तानी क्रिकेट एक घंटा पहले 3
तीन महीने पहले भारत को टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले सूर्यकुमार यादव अब टीम इंडिया के टी-20 कप्तान नहीं रहे और उनकी जगह श्रेयस अय्यर को कमान सौंपी जा रही है। बढ़ती उम्र, गिरते बल्लेबाजी प्रदर्शन और गंभीरता पर उठे सवाल इस बदलाव की बड़ी वजहें मानी जा रही हैं।

महज तीन महीने पहले जिस कप्तान की अगुवाई में भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, उसी से अब कप्तानी छीन ली गई है। सूर्यकुमार यादव अब भारतीय टी-20 टीम के कप्तान नहीं रहे और उनकी जगह श्रेयस अय्यर ले चुके हैं, हालांकि इसका औपचारिक ऐलान अभी होना बाकी है। मार्च 2026 में घरेलू मैदान पर सूर्या की कप्तानी में टीम इंडिया ने इतिहास रचते हुए अपने टी-20 वर्ल्ड कप खिताब का सफल बचाव किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या हुआ कि 35 साल के इस मुंबई के बल्लेबाज की कप्तानी चली गई और अब तो टीम से बाहर होने का खतरा भी मंडराने लगा है। क्या यह सूर्या के खिलाफ कोई साजिश है या इसके पीछे कुछ और वजहें हैं, आइए समझते हैं।

2024 में रोहित शर्मा ने टी-20 वर्ल्ड कप जिताने के बाद जब संन्यास लिया, तब सूर्यकुमार यादव को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया, जबकि हार्दिक पंड्या भी इस दौड़ में प्रबल दावेदार थे। माना जाता है कि सूर्या, हेड कोच गौतम गंभीर की पसंद थे, लेकिन इस बार कोच भी अपने इस 'खास खिलाड़ी' की कप्तानी नहीं बचा पाए।

क्या खेल को गंभीरता से लेना बंद कर दिया था?

दरअसल, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया। पर्दे के पीछे लंबे समय से सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने की कवायद चल रही थी। इसके पीछे एक-दो नहीं, बल्कि कई कारण रहे। इनमें सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि बीसीसीआई ने यह फैसला 2028 में होने वाले अगले टी-20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर लिया है। सूर्या की बढ़ती उम्र और उनके खेल के स्तर में आई बड़ी गिरावट ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

इसके अलावा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस तरह सूर्या च्युइंग गम चबाते हुए मीडिया के सवालों को हल्के में लेते नजर आते थे, उससे भी उनके खिलाफ माहौल बना और उनकी गंभीरता पर ही सवाल खड़े होने लगे। सच यह है कि उनकी कप्तानी पर तलवार काफी समय से लटकी हुई थी।

वर्ल्ड कप 2026 में सिर्फ 242 रन

यहां यह समझना जरूरी है कि कप्तान सूर्या से किसी को कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन बल्लेबाज सूर्या से हर कोई परेशान हो चुका था और बीसीसीआई के सब्र का बांध टूट गया। कभी अपनी अनोखी स्ट्रोक मेकिंग की बदौलत 'मिस्टर 360' कहलाने वाला यह बल्लेबाज अब एक-एक रन के लिए तरस रहा है।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने वर्ल्ड कप जरूर जीता, लेकिन उस टूर्नामेंट की नौ पारियों में उनके बल्ले से 136.72 के स्ट्राइक रेट से महज 242 रन ही निकले। अगर यूएसए के खिलाफ पहले मैच में लगाए गए अर्धशतक को छोड़ दिया जाए, तो वह पूरे सीजन में फ्लॉप ही रहे।

आईपीएल 2026 में भी फीका रहा बल्ला

उधर सोशल मीडिया पर फैंस लगातार दबाव बना रहे थे कि आखिर सूर्यकुमार यादव को टीम में क्यों ढोया जा रहा है, उन्हें बाहर कर मौके का इंतजार कर रहे खिलाड़ियों को आजमाया जाए। वर्ल्ड कप के खराब सीजन के बाद हर किसी को आईपीएल का इंतजार था, लेकिन वहां भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा।

उनकी फॉर्म और योगदान को देखकर ही समझा जा सकता है कि मुंबई इंडियंस पॉइंट्स टेबल पर नीचे से दूसरे स्थान पर क्यों रही। आईपीएल 2026 में सूर्या ने 13 पारियों में महज 20.76 के साधारण औसत और 147.54 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 270 रन बनाए।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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