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एक घंटा पहले
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कर्नाटक सरकार की चर्चित योजनाओं में शुमार गृह ज्योति योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। इस योजना के तहत राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाती है। हालांकि, हाल में सरकार की ओर से कराए गए एक व्यापक ऑडिट के बाद इस योजना को लेकर कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अगर आप इस योजना का फायदा ले रहे हैं या इसकी शर्तें समझना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद अहम है।
क्या है गृह ज्योति योजना और क्यों कराया गया ऑडिट?
गृह ज्योति योजना कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की एक अहम गारंटी योजना है, जिसका मकसद आम लोगों को बढ़ते बिजली बिल के बोझ से राहत देना है। फिलहाल राज्य के 5 एस्कॉम्स (Escoms) के दायरे में कम से कम 1.7 करोड़ लोग इस योजना के जरिए मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे हैं और इस पर सरकार हर महीने सब्सिडी के रूप में करीब 800 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
हालांकि, स्टेट गारंटी स्कीम्स इम्प्लीमेंटेशन अथॉरिटी की ओर से कराई गई छह महीने की गहन समीक्षा और ऑडिट में बड़े स्तर पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। ऑडिट में सामने आया कि राज्य में 10 लाख से अधिक ऐसे लोगों ने इस योजना का फायदा उठाया है, जो कर्नाटक के पंजीकृत मतदाता ही नहीं हैं। इसके साथ ही कई उपभोक्ता नियमों को दरकिनार कर एक से ज्यादा मीटरों पर मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे थे।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पात्रता से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। अब योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा, जो नीचे दी गई शर्तें पूरी करेंगे:
- कर्नाटक का मतदाता होना जरूरी: मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह योजना बाहरी लोगों के लिए नहीं है। जो लोग राज्य में मतदान नहीं करते, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।
- केवल एक घरेलू RR नंबर पर लाभ: यह योजना हर लाभार्थी के सिर्फ एक घरेलू रेवेन्यू रजिस्टर (RR) नंबर पर ही लागू होगी। कई घरों में घरेलू लाइटिंग के अलावा पानी के पंप या बोरवेल के लिए अलग RR नंबर होता है, लेकिन अब पानी के पंप या बोरवेल वाले मीटर पर मुफ्त बिजली नहीं दी जाएगी।
- सिर्फ रिहायशी इस्तेमाल मान्य: सब्सिडी वाली इस मुफ्त बिजली का उपयोग केवल रहने वाले घरों के लिए ही किया जा सकेगा। रिहायशी परिसर से व्यावसायिक या कमर्शियल गतिविधि चलाने वालों को इस सूची से बाहर कर दिया जाएगा।
वित्तीय नुकसान रोकने के लिए अब कराना होगा KYC
योजना में जारी गड़बड़ियों और वित्तीय नुकसान पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब बड़े पैमाने पर केवाईसी (KYC) प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके तहत लाभार्थियों के वोटर आईडी और उनके RR नंबर की बारीकी से जांच की जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार अब गृह लक्ष्मी योजना की तर्ज पर गृह ज्योति योजना में भी दोबारा पंजीकरण की एक नई व्यवस्था तैयार करने में जुटी है।
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