पश्चिम बंगाल
एक घंटा पहले
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दुर्गापुर: एक तृणमूल कांग्रेस नेता के घर पर सरकारी परियोजनाओं से जुड़ी सामग्री रखने के आरोप को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मामला कांकसा की विदबिहार ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले काजलाडीहि इलाके का है, जहां तृणमूल कार्यकर्ता नरहरी माझी के मकान को घेरकर नारेबाजी की गई। माहौल बिगड़ता देख पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बल को भी घटनास्थल पर तैनात करना पड़ा।
सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि तृणमूल सरकार के कार्यकाल में नरहरी माझी इलाके के एक रसूखदार व्यक्ति थे और उन्होंने अपने रसूख का फायदा उठाकर कई सरकारी योजनाओं में गड़बड़ियां कीं। आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने का झांसा देकर लाभार्थियों से 15 से 20 हजार रुपये तक की कटमनी ली गई। इसके अलावा पक्की सड़क बनाने के लिए बोर्ड तो लगा दिए गए, मगर आज तक सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। सोलर लाइट लगाने के दावे भी सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गए।
राहत सामग्री हड़पने का आरोप
स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि सरकारी तिरपाल समेत कई राहत सामग्रियों को आम लोगों में बांटने के बजाय हड़प लिया गया। इन्हीं आरोपों को लेकर लोगों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा और उन्होंने नरहरी माझी के घर के सामने डटकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी पूर्णिमा घोष ने कहा, 'तृणमूल के शासनकाल में हमने कई बार तिरपाल मांगा, लेकिन हमें कभी नहीं मिला। उल्टा हमें धमकाया गया और मारपीट तक की गई। साल 2021 में भाजपा को वोट देने की वजह से हमें अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया था। तमाम सरकारी योजनाएं आईं, पर हमें उनका कोई फायदा नहीं मिला। यही वजह है कि आज हम विरोध जताने निकले हैं।'
भाजपा नेता का तृणमूल पर निशाना
भाजपा के बूथ अध्यक्ष विजय हाड़ी ने आरोप लगाया कि आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से कटमनी वसूली गई और सरकारी सुविधाओं का भरोसा दिलाकर उनके साथ धोखा किया गया। उन्होंने कहा कि बार-बार तस्वीरें खिंचवाने के बावजूद लोगों के हाथ तिरपाल नहीं लगा। इसी भ्रष्टाचार के विरोध में आम जनता सड़क पर उतर आई है।
माझी परिवार ने आरोप नकारे
उधर, नरहरी माझी के परिवार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनकी पत्नी शंकरी माझी ने कहा, 'अब भाजपा सत्ता में है, इसलिए हमें फंसाने की साजिश रची जा रही है। भाजपा के सत्ता में आते ही हमारे खिलाफ दुष्प्रचार शुरू कर दिया गया है। सोची-समझी रणनीति के तहत घर का घेराव कर अशांति फैलाने की कोशिश की गई है।'
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