व्लादिमीर पुतिन ने की प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ, भारतीय किसानों के लिए किया बड़ा ऐलान राष्ट्रीय राजनीति 3 घंटे पहले 2
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया और भारतीय किसानों को उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

रूस में भारतीय कूटनीति की बड़ी सफलता

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के उनके प्रयासों की दिल खोलकर प्रशंसा की। राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोनों देशों के बीच की दोस्ती को गहरा करने में प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत रुचि का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री मोदी तक उनका व्यक्तिगत और गर्मजोशी भरा संदेश जरूर पहुंचाएं। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य में जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी से आमने-सामने मुलाकात करने की अपनी प्रबल इच्छा भी जाहिर की है।

भारतीय किसानों के लिए रूस का बड़ा आश्वासन

इस उच्च-स्तरीय बैठक में एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा भारतीय कृषि क्षेत्र से जुड़ा रहा। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय किसानों को बड़ी राहत देते हुए रूस से भारत को होने वाली उर्वरक (खाद) की आपूर्ति को बढ़ाने का ठोस भरोसा दिया है। पुतिन ने कहा कि रूस यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है कि भारतीय कृषि क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता बनी रहे। भारत के लिए यह वादा इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कृषि क्षेत्र की उत्पादकता पूरी तरह से उर्वरकों की समय पर उपलब्धता पर निर्भर करती है। रूस की ओर से यह आश्वासन मिलने से भारतीय किसानों की लागत और फसलों के उत्पादन में सीधा सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

व्यापारिक संबंधों में फिर से तेजी

बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक स्थितियों पर भी चर्चा की। राष्ट्रपति पुतिन ने स्वीकार किया कि वर्ष 2025 के दौरान भारत और रूस के बीच होने वाले व्यापार में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, अब स्थिति पूरी तरह से बदल रही है और इसमें फिर से सुधार के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। व्यापार में दोबारा तेजी आने का श्रेय देते हुए पुतिन ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत-रूस के व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों में जो नई जान फूंकी जा रही है, उसका मुख्य आधार प्रधानमंत्री मोदी का इन संबंधों को लेकर व्यक्तिगत लगाव और उनकी निरंतर निगरानी है।

जल्द हो सकती है दोनों नेताओं की मुलाकात

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अगली मुलाकात बहुत जल्द हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के अंत तक दोनों नेताओं की मुलाकात की पूरी संभावना है। पुतिन के अनुसार, शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO से संबंधित कार्यक्रमों के दौरान या फिर तय समय-सारिणी के अनुसार किसी अन्य अवसर पर दोनों देशों के शीर्ष नेता मिल सकते हैं। यह मुलाकात वैश्विक राजनीति और दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों की दिशा तय करने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।

रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग

राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी बातचीत में यह स्पष्ट किया कि भारत और रूस का आपसी तालमेल केवल तेल, गैस या खाद तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा, अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्र, हाईटेक उद्योग और कई अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में भी दोनों देश मजबूती के साथ एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। गौरतलब है कि रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और रूस की साझेदारी दशकों पुरानी है, लेकिन अब इसे आधुनिक आर्थिक और तकनीकी आयाम दिए जा रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति पुतिन की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक परिदृश्य में बड़े बदलाव हो रहे हैं और नई दिल्ली तथा मॉस्को अपने दशकों पुराने रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती दे रहे हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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