यूपी में रिटायर्ड आरटीओ अधिकारी के ठिकानों पर विजिलेंस का छापा, 9 किलो सोना, 13 किलो चांदी और करोड़ों की संपत्ति बरामद उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 6
उत्तर प्रदेश के लखनऊ और नोएडा में परिवहन विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के ठिकानों पर विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है, जहां से 35 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति और भारी मात्रा में सोना-चांदी बरामद हुआ है।

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। परिवहन विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी में जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं। इस छापेमारी के दौरान आरोपी अधिकारी के घर से कुबेर का ऐसा खजाना मिला है, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। जांच टीम को वहां से भारी मात्रा में सोना, चांदी, नकदी और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इतनी बड़ी बरामदगी से पुलिस और विजिलेंस के आला अधिकारी भी दंग हैं।

यह पूरी कार्रवाई आगरा में तैनात रहे तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार के ठिकानों पर की गई है। ललित कुमार परिवहन विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित चंद्रलोक कॉलोनी सेक्टर-ई में रह रहे हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का एक गंभीर मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद सक्षम अदालत से तलाशी का वारंट हासिल कर विजिलेंस की टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

सोने-चांदी और नकदी का अंबार

विजिलेंस विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी 7 और 8 जुलाई को की गई थी। लखनऊ और नोएडा समेत आरोपी के विभिन्न ठिकानों पर जब विजिलेंस की टीम ने तलाशी ली, तो वहां रखी अकूत दौलत सामने आई। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर से कुल 1 करोड़ 62 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह नकदी घर के अलग-अलग हिस्सों में पैकेटों में छिपाकर रखी गई थी।

इसके अलावा, जब वहां मिले सोने और चांदी के आभूषणों तथा बिस्किटों का सरकारी मूल्यांकन कराया गया, तो उनका वजन और बाजार मूल्य बेहद चौंकाने वाला निकला। अधिकारियों को मौके से लगभग 9 किलोग्राम सोना और 13 किलोग्राम चांदी बरामद हुई है। इसमें सोने-चांदी के बिस्किट, कीमती हीरे और कई अन्य प्रकार के अत्यंत मूल्यवान आभूषण शामिल हैं। बरामद किए गए इन सोने-चांदी और हीरों के गहनों का कुल बाजार मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये आंका गया है।

नोएडा और लखनऊ में अचल संपत्तियों की भरमार

जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि ललित कुमार ने अपने सेवाकाल के दौरान अपने पद का जमकर दुरुपयोग किया और बड़े पैमाने पर अवैध काली कमाई जुटाई थी। इस काली कमाई को उन्होंने जमीन, फ्लैट और मकानों में बड़े पैमाने पर निवेश किया था। विजिलेंस की टीम को छापे के दौरान लखनऊ, नोएडा और रायबरेली में कई बहुमूल्य संपत्तियों के मालिकाना हक के दस्तावेज मिले हैं।

जांच टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी के पास दर्जनों संपत्तियां हैं, जिनका ब्यौरा इस प्रकार है:

  1. लखनऊ के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सेक्टर-बी में स्थित आवासीय भवन (प्लॉट संख्या LH-143)।
  2. लखनऊ के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सेक्टर-बी में स्थित एक और आवासीय भूखंड (प्लॉट संख्या LH-145)।
  3. लखनऊ के काकोरी क्षेत्र के मोहल्ला भगवती दयाल में स्थित आवासीय भूखंड (खसरा संख्या 1321)।
  4. लखनऊ के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में स्थित एक आवासीय भवन (संख्या 532/491 चकबस्ती टोला)।
  5. लखनऊ के काकोरी क्षेत्र के मोहल्ला भगवती दयाल में ही स्थित एक अन्य आवासीय भूखंड (संख्या 1631, दयाल पश्चिम)।
  6. लखनऊ के काकोरी क्षेत्र के मोहल्ला भगवती दयाल में स्थित कृषि भूमि।
  7. काकोरी के ग्राम बगिया, मोहल्ला भगवती दयाल में स्थित कृषि भूमि।
  8. लखनऊ के बेलीगंज क्षेत्र में स्थित एक आवासीय भूखंड।
  9. लखनऊ की वृंदावन योजना में स्थित आवासीय भूखंड (संख्या 10 LH/40)।
  10. लखनऊ में स्थित वेली अपार्टमेंट में आवासीय फ्लैट (फ्लैट संख्या 3002)।
  11. नोएडा में स्थित महेश्वरी एन्क्लेव में आवासीय फ्लैट।
  12. नोएडा में ही स्थित वसुंधरा फ्लोरिंग एम्पायर में आवासीय फ्लैट।
  13. रायबरेली के बछरावां तहसील के अंतर्गत ग्राम थरियावां में स्थित कृषि भूमि।
  14. रायबरेली के बछरावां तहसील के ग्राम थरियावां में स्थित एक अन्य कृषि भूमि।
  15. रायबरेली के ऊँचाहार तहसील के अंतर्गत ग्राम सगौता में स्थित कृषि भूमि।

कुल 35 करोड़ रुपये की संपत्ति और जांच टीम को पुरस्कार

इस छापेमारी के दौरान केवल नकदी, सोना-चांदी और जमीन के दस्तावेज ही नहीं मिले, बल्कि अन्य कई कीमती सामग्रियां भी बरामद हुई हैं। विजिलेंस टीम ने ललित कुमार के ठिकानों से दो लग्जरी कारें और एक चालू रिवाल्वर भी जब्त की है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न बैंकों, डाकघरों, म्यूचुअल फंडों और फिक्स्ड डिपॉजिट में किए गए निवेश के कागजात भी हाथ लगे हैं, जिनकी कुल वैल्यू एक करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है।

जांच एजेंसी के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, बरामद की गई कुल नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट, आभूषण, लग्जरी वाहन, बैंकों में निवेश और विभिन्न अचल संपत्तियों की कुल संचयी कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ इस बेहद सफल और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम के काम की उच्च स्तर पर सराहना की गई है। पुलिस महानिदेशक विजिलेंस ने इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली लखनऊ सेक्टर की विजिलेंस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। इस कार्रवाई ने प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है और विभाग अब ललित कुमार की बेनामी संपत्तियों के अन्य स्रोतों की भी गहनता से जांच कर रहा है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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