"चोर तो हर जगह होते हैं, उससे घर नहीं बदलता" - राम मंदिर दान चोरी मामले पर अयोध्या में खुलकर बोले अभिनेता अनुपम खेर उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 78
अयोध्या पहुंचे प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने राम मंदिर में हुई चोरी की घटना पर बड़ा बयान दिया है। अपनी आगामी फिल्म 'श्री राम भूमि' की शूटिंग के सिलसिले में वहां पहुंचे खेर ने कहा कि कुछ लोगों के गलत कर्मों से मंदिर की गरिमा और सनातन की प्रतिष्ठा कम नहीं होती।

भारतीय सिनेमा के दिग्गज और बहुमुखी अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में हैं। अनुपम खेर यहाँ अपनी आने वाली नई फिल्म 'श्री राम भूमि' की शूटिंग के सिलसिले में पहुंचे हैं। इस बेहद खास प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से पहले उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में शीश नवाया। अभिनेता ने अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर और भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। उन्होंने देश और दुनिया भर के लोगों के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। रामलला के दर्शन करने के बाद अनुपम खेर ने मीडिया से बातचीत की, जिसमें उन्होंने राम मंदिर से जुड़ी हालिया चोरी की घटना पर बेहद बेबाकी से अपनी राय रखी। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया और गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

नया काम शुरू करने से पहले लिया रामलला का आशीर्वाद

अनुपम खेर ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान धार्मिक आस्था और अपनी कलात्मक यात्रा के जुड़ाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी नए और शुभ कार्य का शुभारंभ भगवान राम और वीर हनुमान जी के आशीर्वाद के बिना संभव ही नहीं है। यही कारण है कि फिल्म 'श्री राम भूमि' के कैमरे रोल होने से पहले वह सबसे पहले ईश्वरीय सत्ता का आशीर्वाद लेने पहुंचे। अभिनेता ने बताया कि उनकी इस नई फिल्म की शूटिंग की शुरुआत राम की नगरी अयोध्या से की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि फिल्म की पूरी टीम अगले 10 से 12 दिनों तक अयोध्या के अलग-अलग और ऐतिहासिक स्थानों पर रहकर फिल्मांकन का काम पूरा करेगी। इस आध्यात्मिक भूमि की ऊर्जा पूरी टीम को एक नई प्रेरणा देगी।

मंदिर में हुई चोरी की घटना पर दिया बड़ा बयान

अयोध्या में दर्शन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अनुपम खेर ने हाल ही में राम मंदिर परिसर से जुड़ी चोरी की घटना पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी। अभिनेता ने इस बात को स्वीकार किया कि आस्था के ऐसे बड़े केंद्रों पर चोरी जैसी घटनाओं का होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी लोग इस तरह की घिनौनी वारदातों में शामिल हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि कुछ चंद असामाजिक तत्वों की गलत हरकतों की वजह से इतने बड़े और पवित्र मंदिर की गरिमा, मान-प्रतिष्ठा और करोड़ों लोगों की अगाध आस्था पर जरा सा भी आंच नहीं आना चाहिए।

'चोर तो हर जगह होते हैं, घर को दोष क्यों देना?'

अपनी बात को और अधिक स्पष्ट करने के लिए अनुपम खेर ने एक व्यावहारिक उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने कहा कि चोर तो हर जगह मौजूद होते हैं, लेकिन उनकी हरकतों से उस स्थान या संस्था की मान-प्रतिष्ठा कभी कम नहीं हो सकती। अभिनेता ने कहा, "जिस भव्य मंदिर के निर्माण और स्थापना के लिए हमारे समाज ने 500 साल का लंबा संघर्ष किया है, उसमें यदि कुछ लोग ऐसी ओछी हरकत कर देते हैं, तो उससे मंदिर की मर्यादा और उसकी दिव्यता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी के घर में चोरी की घटना घटती है, तो लोग हमेशा चोर को बुरा-भला कहते हैं और उसे सजा दिलाने की मांग करते हैं, कोई भी व्यक्ति उस घर को दोषी नहीं ठहराता। ठीक यही सोच हिंदू समाज को भी अपनानी होगी। गलत काम करने वाले की कड़ी आलोचना होनी चाहिए और उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इससे हमारे आराध्य भगवान राम, मंदिर या सनातन धर्म की छवि पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

सनातन धर्म और दान के पीछे की भावना

सनातन धर्म के सिद्धांतों और श्रद्धालुओं की आस्था पर बात करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि जब कोई भक्त मंदिर में दान देता है, तो उसके पीछे पूर्ण श्रद्धा, अटूट विश्वास और भक्ति का भाव होता है। लोग किसी प्रकार के व्यापार, निजी लाभ या किसी अपेक्षा के साथ भगवान को दान अर्पित नहीं करते, बल्कि वे अपनी गहरी आस्था व्यक्त करने के लिए ऐसा करते हैं। ऐसे में यदि कुछ बुरे लोग उस पावन विश्वास के साथ विश्वासघात करने का प्रयास करते हैं, तो उनकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तनिक भी कमजोर नहीं होती है। उन्होंने समाज से अपील की कि वे गलत काम करने वाले अपराधी और हमारी धार्मिक संस्था या मंदिर को अलग-अलग नजरिए से देखें। दोनों बिल्कुल अलग विषय हैं और इन्हें आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए।

भगवान राम भारतीय संस्कृति के शाश्वत प्रतीक हैं

अनुपम खेर ने रामलला के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान राम केवल एक धार्मिक प्रतीक मात्र नहीं हैं, बल्कि वे पूरी भारतीय संस्कृति, मर्यादा, सत्य और उच्च आदर्शों के सबसे बड़े मानक हैं। उनके जीवन मूल्य संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। भारत और दुनिया भर के करोड़ों लोगों के दिल में राम बसे हुए हैं और ऐसी गहरी आस्था किसी एक छोटी घटना या किसी की गलत हरकत से कभी प्रभावित नहीं हो सकती। अभिनेता ने पूरा भरोसा जताया कि अगर राम मंदिर की व्यवस्था में कहीं भी कोई गड़बड़ी या अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के शिकंजे में कसकर सख्त सजा दी जाएगी।

फिल्म 'श्री राम भूमि' को लेकर जताया उत्साह

अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'श्री राम भूमि' को लेकर अभिनेता अनुपम खेर बेहद उत्साहित नजर आए। उन्होंने विश्वास जताया कि अयोध्या की पावन और आध्यात्मिक ऊर्जा इस फिल्म को बेहद खास और प्रभावशाली बनाएगी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम पूरी श्रद्धा, लगन और अटूट समर्पण के साथ इस फिल्म के निर्माण में जुटी हुई है। उन्हें पूरा विश्वास है कि जब यह फिल्म बनकर तैयार होगी, तो यह दर्शकों के दिलों को गहराई से छूने में पूरी तरह सफल रहेगी। इस दौरान अनुपम खेर के अयोध्या आने की खबर फैलते ही उनके प्रशंसकों में भी भारी उत्साह देखने को मिला। दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रशंसकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अभिनेता ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और मर्यादा पुरुषोत्तम से देश की प्रगति और शांति की कामना की।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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