उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने जा रहा है। इससे पहले आयोग इस सूची के प्रकाशन की तारीख पांच बार आगे बढ़ा चुका है, लेकिन इस बार साफ कर दिया गया है कि अब कोई और देरी नहीं होगी और सूची आज ही जारी कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि आयोग ने 23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसमें प्रदेश के 12.69 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे। अंतिम सूची सामने आने के बाद यह तस्वीर भी स्पष्ट हो सकती है कि पंचायत चुनाव कब तक कराए जा सकते हैं।
मतदाता सूची को लेकर ताजा अपडेट
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव की फाइनल मतदाता सूची जारी करने की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को मतदाता सूची के कंप्यूटीकरण, स्टेट वोटर नंबर के आवंटन और मतदेय स्थलों की मैपिंग समेत कई कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गए थे। इससे पहले सूची जारी करने की तारीख पांच बार टाली जा चुकी है। जानकारी के अनुसार आज सूची जारी होने के बाद देर शाम तक इसे राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
क्या है नौ अंकों वाला वोटर नंबर
इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए हर मतदाता को नौ अंकों वाला एक नया पहचान नंबर दिया गया है। यह नौ अंकों का नंबर दरअसल नया स्टेट वोटर नंबर है, जिसके जरिये पहचान और चुनावी प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया कहीं अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी। इस व्यवस्था के तहत हर मतदाता का फोटो सहित पूरा ब्योरा ऑनलाइन मौजूद रहेगा, जिससे कोई भी व्यक्ति दो बार मतदान नहीं कर पाएगा।
मोबाइल एप की मदद से जैसे ही पोलिंग बूथ पर मतदाता की फोटो खींची जाएगी, उसी समय यह स्पष्ट हो जाएगा कि संबंधित व्यक्ति पहले वोट डाल चुका है या नहीं। पंचायत चुनाव में आयोग पहली बार इस तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है।
बार-बार क्यों टलती रही तारीख
अनंतिम मतदाता सूची में कुल 1.81 करोड़ नए नाम जोड़े गए थे, जबकि 21.08 लाख मतदाताओं के नामों में संशोधन किया गया था। इसी प्रक्रिया के दौरान 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे। वर्ष 2021 की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 12.29 करोड़ थी और इसी को आधार बनाकर दावे तथा आपत्तियां मांगी गई थीं।
इस अवधि में लाखों आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनकी सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया। यही कारण रहा कि अंतिम सूची जारी करने की तिथि पांच बार आगे बढ़ानी पड़ी। आयोग का कहना है कि अब सूची के प्रकाशन में किसी तरह की कोई देरी नहीं होगी।
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