बालाघाट: शर्मनाक घटना, बेटी के नवजात बच्चे को नाना ने गोबर में जिंदा दफनाया मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश के बालाघाट में एक नाना ने समाज और बदनामी के डर से अपनी अविवाहित बेटी के नवजात शिशु को गोबर के ढेर में जिंदा दफन कर दिया। सच्चाई सामने आने पर आरोपी ने जहर खा लिया और अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करने वाली घटना

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक अत्यंत विचलित कर देने वाली और शर्मनाक खबर सामने आई है। यहां वारासिवनी थाना अंतर्गत नांदगांव ग्राम पंचायत में एक नवजात शिशु को मौत के घाट उतार दिया गया। परिवार की बदनामी और लोकलाज के डर से एक दादा ने अपने ही नाती को जीवित अवस्था में गोबर के ढेर के नीचे दबा दिया। इस वीभत्स कृत्य के बाद जब ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी, तो आरोपी ने कीटनाशक खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और नवजात के शव को बरामद कर लिया गया है।

गोबर के ढेर में खत्म की मासूम की जिंदगी

यह मामला नांदगांव के गोपीटोला का है। एक युवती का किसी परिचित के साथ प्रेम संबंध था और वह गर्भवती हो गई थी। इस बात की जानकारी आशा कार्यकर्ता को भी थी। परिवार वाले इस स्थिति को छिपाने की पूरी कोशिश में लगे थे। 29 और 30 जुलाई की मध्य रात्रि को युवती को प्रसव पीड़ा हुई और उसने घर पर ही एक शिशु को जन्म दिया। शिशु के जन्म के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और वे इस बात से घबरा गए कि समाज में उनकी क्या छवि बनेगी। इसी डर के चलते युवती के पिता यानी नवजात के नाना ने मासूम को कपड़े में लपेटा और घर के पीछे बने गोबर के घूरे में ले जाकर उसे जिंदा ही दफन कर दिया।

पड़ोसियों को हुआ शक तो खुला राज

शिशु को दफन करने की यह खौफनाक वारदात तब खुली जब पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने 30 जुलाई को देर रात वहां से बच्चे के रोने की दबी आवाज सुनी। जब पड़ोसियों ने अगले दिन इस बारे में परिवार से पूछताछ की, तो वे इधर-उधर की बातें करने लगे। ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने तत्काल आशा कार्यकर्ता को बुलाकर पूछताछ की। कार्यकर्ता ने स्पष्ट किया कि घर की युवती गर्भवती थी और निश्चित रूप से बच्चा उन्हीं का है। इस रहस्योद्घाटन के बाद 31 जुलाई को सरपंच और गांव के गणमान्य नागरिकों ने एक बैठक बुलाई ताकि सच सामने आ सके।

आरोपी ने किया जहर का सेवन

सच्चाई सामने आते ही नवजात को दफन करने वाले आरोपी नाना धारासिंह मड़ावी ने घबराकर कीटनाशक का सेवन कर लिया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत वारासिवनी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और 31 जुलाई की रात को घटनास्थल पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, 1 अगस्त को नायब तहसीलदार चंद्रकिशोर ककोडिया, चिकित्सा अधिकारियों और पुलिस बल की उपस्थिति में खुदाई की गई और गोबर के ढेर के नीचे से नवजात का शव बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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