ओमान को डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी, ईरान से समुद्री बातचीत पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति विश्व एक घंटा पहले 5
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच हस्तक्षेप करेगा तो उस पर भारी बमबारी की जाएगी।

ओमान को मिली कड़ी चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को लेकर एक बेहद सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ओमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान और अमेरिका के मामलों में किसी भी प्रकार का दखल दिया या बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, तो अमेरिकी सेना ओमान पर घातक हमला करने से पीछे नहीं हटेगी। वर्तमान में ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से मालवाहक जहाजों की आवाजाही को लेकर गहन चर्चा चल रही है। इन दोनों देशों ने मिलकर इस समुद्री क्षेत्र के लिए एक शिपिंग रूट का नक्शा तैयार करने पर सहमति भी बना ली है। डोनाल्ड ट्रंप इस प्रगति से काफी नाराज हैं क्योंकि वह होर्मुज पर अमेरिका का वर्चस्व और नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं। ईरान का अमेरिका के बजाय ओमान के साथ मिलकर विकल्प तलाशना ट्रंप की रणनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने ओमान को सीधे तौर पर धमकी दी है।

हमले और बमबारी का सीधा अल्टीमेटम

जब ट्रंप से ईरान और ओमान के बीच चल रही इस समानांतर बातचीत के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, यदि ओमान इस मामले में बीच में आता है, तो हम उन पर जबरदस्त बमबारी करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के सार्वजनिक बयानों के विपरीत, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान की सरकार पर भारी आर्थिक दबाव बना हुआ है। ट्रंप ने टिप्पणी की कि ईरानी लोग पोकर के बेहतरीन खिलाड़ी हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। साथ ही, उन्होंने साफ किया कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का उनकी इन नीतियों और सोच से कोई संबंध नहीं है।

हथियारों का जखीरा और रक्षा प्रणाली की स्थिति

डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी हथियारों के भंडार का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक उन्होंने जो संसाधन इस्तेमाल किए हैं, वे बहुत सीमित हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास मध्यम-स्तर के हथियारों का एक विशाल भंडार मौजूद है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके द्वारा यूक्रेन को बड़ी संख्या में एडवांस्ड रक्षा प्रणालियाँ भेज दी गई थीं, जिनमें इस क्षेत्र के लिए आवश्यक एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल थे। ये बयान ऐसे नाजुक समय में आए हैं जब तेहरान और मस्कट के बीच होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नई प्रणाली विकसित करने पर बातचीत अंतिम दौर में है। हफ्तों की तकनीकी चर्चा के बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त शिपिंग रूट मैप को भी तैयार कर लिया था।

सीजफायर का अंत और IRGC के साथ बातचीत

दिलचस्प बात यह है कि ओमान में अमेरिका का सैन्य अड्डा स्थित है और ईरान के साथ चल रहे तनावपूर्ण माहौल में अमेरिकी सेना इस बेस का उपयोग कर रही है। इसके बावजूद ओमान को ट्रंप की ओर से मिली यह धमकी सभी को हैरान कर रही है। अमेरिका और ईरान के साथ हुआ 60 दिन का सीमित सीजफायर भी आज समाप्त हो रहा है और इस दौरान संघर्ष रोकने को लेकर कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। हालाँकि, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका IRGC के साथ पर्दे के पीछे से संपर्क में है। ट्रंप ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अब ईरान के सामने आत्मसमर्पण के अलावा कोई दूसरा विकल्प शेष नहीं है और ईरान की सेनाओं को अमेरिकी शक्ति के आगे घुटने टेक देने चाहिए।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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