विश्व
3 घंटे पहले
10
विचारों
ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मचा दी है। एक टीवी साक्षात्कार के दौरान उन्होंने ओमान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ओमान, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का दखल या बाधा डालने की कोशिश करता है, तो अमेरिका उसके खिलाफ सैन्य बल का प्रयोग करेगा। उन्होंने धमकाते हुए कहा कि ओमान को इस मामले से दूर रहना चाहिए, अन्यथा उस पर बमबारी की जा सकती है। यह बयान तब सामने आया जब उनसे अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता या बातचीत में ओमान की भूमिका को लेकर सवाल किया गया था।
ईरान के साथ नया समझौता बना विवाद की वजह
ट्रंप की यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब हाल ही में शनिवार को ईरान ने दावा किया था कि उसने ओमान के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत ईरान और ओमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए शिपिंग रूट का एक नया नक्शा तैयार करने की योजना बनाई है। ईरान का कहना है कि यह निर्णय कई हफ्तों की तकनीकी चर्चा के बाद लिया गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस क्षेत्र में कोई भी नया तनाव पूरी दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ना तय है।
ईरान को आत्मसमर्पण करने की सलाह
ईरान के साथ अपने संबंधों पर बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब एकमात्र रास्ता यही है कि वह सफेद झंडा दिखाए, यानी पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दे। ट्रंप ने ईरान के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां के लोग पोकर के अच्छे खिलाड़ी हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल वे बेहद कठिन और दयनीय स्थिति में फंस चुके हैं। उनकी यह टिप्पणी ईरान पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच आई है।
खुफिया बातचीत और आईआरजीसी का मुद्दा
एक चौंकाने वाला दावा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के सीधे संपर्क ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के साथ बने हुए हैं। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने IRGC के साथ एक अलग गुप्त चैनल या बैकचैनल स्थापित किया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अधिकारी ईरान में जाकर सीधे IRGC के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। यदि ट्रंप का यह दावा सच साबित होता है, तो यह अमेरिका और ईरान के बीच के जटिल राजनयिक संबंधों में एक बहुत बड़ा मोड़ हो सकता है।
गाजा पर ट्रंप की टिप्पणी
अपनी बातचीत के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रहे संघर्ष पर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने इजरायल से आग्रह किया कि उसे गाजा में अपने हमले तत्काल रोक देने चाहिए। ट्रंप ने तर्क दिया कि उनके पास मौजूद जानकारी के अनुसार हमास अपने हथियार डालने के लिए तैयार हो चुका है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका का हमास के साथ भी बातचीत का एक अलग और गुप्त चैनल काम कर रहा है। ट्रंप का मानना है कि हमास जल्द ही अपने हथियार छोड़ने का बड़ा कदम उठा सकता है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ेगी।
Comments
0 comment