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54 मिनट पहले
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तोक्यो की फायर सेफ्टी का लोहा क्यों मानती है दुनिया
हाल के दिनों में भारत के अलग-अलग शहरों में हुए अग्निकांडों ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जब बात दुनिया के सबसे सुरक्षित शहर की आती है, तो तोक्यो का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। तोक्यो फायर डिपार्टमेंट को विश्व का सबसे बेहतरीन अग्निशमन बल माना जाता है। इस शहर ने आग को शहरी विकास का केंद्र बनाया है, जो सदियों के विनाशकारी अनुभवों से सीखा गया एक सबक है। वर्ष 1923 के भूकंप और दूसरे विश्व युद्ध की तबाही के बाद जापान ने अपने शहर को इस तरह डिजाइन किया कि आग को फैलने से रोका जा सके।
विशाल संसाधन और अत्याधुनिक नेटवर्क
तोक्यो फायर डिपार्टमेंट की कार्यकुशलता उसके विशाल नेटवर्क में छिपी है। विभाग के पास 18,839 कर्मचारी हैं, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा अग्निशमन दस्ता बनाते हैं। पूरे महानगर की सुरक्षा के लिए यहाँ 81 फायर स्टेशन सक्रिय हैं। विभाग के पास उपकरणों का एक बड़ा बेड़ा है जिसमें 673 फायर इंजन, 91 सीढ़ी वाले वाहन, 393 एम्बुलेंस, 50 रेस्क्यू वाहन, 9 जलयान और 7 विमान शामिल हैं। इस पूरे तंत्र को चलाने के लिए विभाग का सालाना बजट लगभग 1,500 करोड़ रुपये है।
आग को बड़ी होने से रोकने की रणनीति
तोक्यो का मूल मंत्र आग को बुझाने से ज्यादा आग को फैलने से रोकना है। शहर में 90 फीसदी आग की घटनाएं छोटी स्तर पर ही काबू कर ली जाती हैं। यहाँ की रणनीतियां इस प्रकार हैं:
- अग्निरोधक संरचनाएं: तोक्यो में हिगाशी-शिराहिगे आवासीय परिसर जैसी इमारतें बनाई गई हैं, जो नदी के किनारे एक विशाल अग्नि अवरोधक का काम करती हैं।
- बफर जोन: घनी आबादी वाले इलाकों को सुरक्षित बनाने के लिए सड़कों को चौड़ा किया गया है और खाली जमीनों को आपदा रोकथाम पार्कों में बदल दिया गया है।
- विशेष दस्ते: तोक्यो को 10 डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर में बांटा गया है, जहाँ भूकंपीय आग या परमाणु आपदा जैसे कठिन हालातों से निपटने के लिए विशेष तकनीकी टीमें तैनात हैं।
भारत में स्थिति और भविष्य की राह
भारत में फायर सर्विस का जिम्मा राज्य सरकारों और नगर पालिकाओं के पास होता है। केंद्र सरकार ने 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण हेतु 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 31 जनवरी 2026 तक राज्यों को 1,798.20 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। तुलना के तौर पर देखें तो दिल्ली फायर सर्विस का बजट वर्ष 2025-26 के लिए 125 करोड़ रुपये निर्धारित था। भारत में मुंबई को सबसे सक्षम फायर सर्विस नेटवर्क वाला शहर माना जाता है, लेकिन वैश्विक मानकों पर अभी काफी सुधार की गुंजाइश है।
आंकड़ों में तोक्यो की सुरक्षा
तोक्यो में औसतन रोज 12 आग लगने की घटनाएं रिपोर्ट होती हैं। सालाना करीब 4,300 घटनाएं दर्ज की जाती हैं, जिनमें प्रत्येक आग का औसत प्रभावित क्षेत्र केवल 4 वर्ग मीटर तक सीमित रहता है। यह इस बात का प्रमाण है कि शहर का आपदा प्रबंधन आग को विकराल रूप लेने से रोकने में कितना प्रभावी है।
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