क्या घिसे हुए नॉन स्टिक पैन में खाना पकाना है सुरक्षित? जानिए कब बदल लेना चाहिए अपना बर्तन जीवनशैली 2 महीने पहले 81
रसोई में इस्तेमाल होने वाले नॉन स्टिक बर्तनों की कोटिंग घिसने पर सेहत से जुड़ी कई चिंताएं पैदा हो सकती हैं। जानें कि खराब हो चुके कोटिंग वाले पैन को इस्तेमाल करना कितना सही है और कब उन्हें हटाना जरूरी है।

नॉन स्टिक पैन की सुरक्षा पर बढ़ते सवाल

आजकल हर रसोई में नॉन स्टिक पैन का इस्तेमाल बहुत आम हो गया है। खाना कम तेल में पकाने और बर्तन में न चिपकने की सुविधा के कारण ये हर किसी की पहली पसंद बने हुए हैं। लेकिन अक्सर समय के साथ इन बर्तनों की ऊपरी परत या कोटिंग घिसने लगती है। ऐसे में गृहणियों के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या घिसे हुए पैन का इस्तेमाल जारी रखना सुरक्षित है, या फिर अब इन्हें बदलकर नए बर्तन लेने का समय आ गया है।

कोटिंग घिसने के संकेत और कारण

नॉन स्टिक पैन की कोटिंग खराब होने के कई स्पष्ट संकेत होते हैं। अगर आप ध्यान देंगे तो पाएंगे कि बर्तन में खाना बार-बार चिपकने लगा है या सतह पर बारीक खरोंचें दिखाई दे रही हैं। कभी-कभी पैन की काली परत के छोटे टुकड़े या पपड़ियां भी उतरने लगती हैं। ऐसा होने के पीछे मुख्य कारण अत्यधिक तेज आंच पर खाना पकाना, धातु के चम्मचों का इस्तेमाल करना या सफाई के दौरान सख्त तार वाली जाली का उपयोग करना हो सकता है।

क्या खराब कोटिंग स्वास्थ्य के लिए घातक है?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पैन पर केवल बहुत मामूली और न के बराबर खरोंचें हैं, तो यह तत्काल कोई बड़ा स्वास्थ्य जोखिम पैदा नहीं करता है। हालांकि, यदि कोटिंग स्पष्ट रूप से उखड़ रही है, तो ऐसे बर्तन का उपयोग करना बंद कर देना चाहिए। कोटिंग की वह परत, जो खाने को चिपकने से बचाती है, जब भोजन में मिलने लगती है, तो यह सेहत के लिहाज से बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। ऐसे पैन को लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि यह आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है।

रि-कोटिंग का विकल्प और सुझाव

कई लोग पुराने पैन को दोबारा रि-कोट करवाकर इस्तेमाल करने की सोचते हैं, लेकिन अक्सर यह नया पैन खरीदने के मुकाबले अधिक खर्चीला और कम टिकाऊ साबित होता है। यदि आपका पैन काफी पुराना हो चुका है और उसकी परत पूरी तरह से जवाब दे गई है, तो बेहतर यही होगा कि आप नया और सुरक्षित बर्तन ले आएं। अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए खराब हो चुके बर्तनों को सही समय पर हटाना ही बुद्धिमानी है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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