गोल और फूली हुई रोटी बनाने के आसान घरेलू उपाय, अपनाएं ये जादुई टिप्स जीवनशैली 2 महीने पहले 70
अगर आपकी बनाई रोटियां भी गोल नहीं बनती हैं, तो अब चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इन आसान और असरदार घरेलू नुस्खों की मदद से आप हर बार एकदम गोल, मुलायम और फूली हुई रोटियां तैयार कर सकते हैं।

घर की रसोई में गोल और फूली हुई रोटियां बनाना कई लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। अक्सर कोशिश करने के बाद भी रोटी गोल बनने के बजाय अलग-अलग आकारों में तब्दील हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है और आपकी रोटी भी गोल बनने के बजाय भारत के नक्शे जैसी दिखने लगती है, तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू टिप्स और सही तकनीक को अपनाकर आप बहुत जल्द गोल और बेहद मुलायम रोटियां बनाना सीख सकते हैं।

परफेक्ट गोल रोटी के लिए आटा तैयार करने का तरीका

रोटी को गोल और मुलायम बनाने की शुरुआत आटा गूंथने की प्रक्रिया से ही हो जाती है। इसके लिए आपको नीचे दी गई बातों का खास ख्याल रखना चाहिए:

  • आटे का संतुलन: आटा गूंथते समय ध्यान रखें कि वह न तो बहुत अधिक सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा ढीला।
  • आराम देना जरूरी है: आटा गूंधने के तुरंत बाद रोटियां बेलने की गलती न करें। गूंथे हुए आटे को करीब 15 से 20 मिनट के लिए किसी बर्तन या गीले कपड़े से ढककर रख दें। इससे आटे में लचीलापन आता है।

लोई का आकार और सूखे आटे का सही इस्तेमाल

आटा सेट होने के बाद अगला कदम लोई बनाने का होता है। सही आकार की लोई बनने से रोटी का आकार भी अच्छा आता है:

  • समान आकार की लोई: रोटियां बेलने के लिए जो लोई (पेड़े) आप बना रहे हैं, उनका आकार हमेशा एक बराबर होना चाहिए।
  • सूखे आटे का सीमित उपयोग: लोई पर सूखा आटा (पलेथन) लगाते समय हमेशा संयम बरतें। सूखे आटे का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से रोटियां कड़क हो जाती हैं और उनका स्वाद भी प्रभावित होता है।

रोटी बेलने की सही तकनीक और तरीका

रोटी को एकदम गोल आकार देने के लिए बेलन चलाने का एक विशेष तरीका होता है। इस प्रक्रिया को इस प्रकार अपनाएं:

रोटी बेलते समय बेलन को हमेशा बिल्कुल हल्के हाथों से चलाएं। बेलन पर ज्यादा दबाव डालने से रोटी का आकार बिगड़ सकता है। रोटी को गोल घुमाने के लिए उसे हर दो से तीन बार बेलने के बाद थोड़ा-थोड़ा हाथों से घुमाते रहें।

इसके अलावा, बेलने की शुरुआत हमेशा लोई के बीच वाले हिस्से से करें और धीरे-धीरे बेलन को किनारों की तरफ ले जाएं। इससे रोटी पूरी तरह से एक समान मोटाई की बनेगी और कहीं से मोटी या पतली नहीं रहेगी।

नियमित अभ्यास से मिलेगी कामयाबी

रोटी बनाना एक कला है, जिसमें महारत हासिल करने के लिए थोड़ा धैर्य और अभ्यास बेहद जरूरी है। यदि आप रोजाना इन नियमों का पालन करते हुए अभ्यास करेंगे, तो आपकी रोटियां न केवल दिखने में एकदम गोल होंगी, बल्कि वे बेहद मुलायम और तवे पर जाते ही गुब्बारे की तरह फूली-फूली बनकर तैयार होंगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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