बाजार में पैसे खर्च करने की क्या जरूरत, मानसून के मौसम में घर पर ऐसे उगाएं सुंदर फूल और पौधे जीवनशैली 4 घंटे पहले 5
मानसून के बाद का समय बागवानी के लिए बेहद अनुकूल होता है, जिसमें आप बिना पैसे खर्च किए घर पर ही अपनी पसंदीदा वनस्पतियों की कटिंग से नए पौधे तैयार कर सकते हैं। सही तकनीक और थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप अपने घर की बगिया को फूलों से महका सकते हैं।

मानसून और कटिंग का सही मेल

हर बार अपने बगीचे को नया रूप देने के लिए नर्सरी जाकर महंगे पौधे खरीदने की आवश्यकता नहीं है। यदि आपके पास पहले से कुछ अच्छे पौधे मौजूद हैं, तो आप मानसून के ठीक बाद का समय, खासकर सितंबर का महीना, नए पौधे तैयार करने के लिए सबसे बेहतरीन मान सकते हैं। बारिश के दौरान वातावरण में जो नमी बनी रहती है, वह पौधों की टहनियों से जड़ें फूटने के लिए सबसे अनुकूल स्थिति पैदा करती है। इसके अलावा, इस समय चिलचिलाती धूप का असर भी काफी कम हो जाता है, जिससे कटिंग के सूखने का खतरा नहीं रहता। सितंबर का यह समय गुलाब, गुड़हल और मनी प्लांट जैसे पौधों के लिए वरदान जैसा है। बस आपको सही तकनीक और थोड़े से धैर्य की जरूरत है, जिससे आप घर पर ही अपनी नर्सरी तैयार कर सकते हैं।

गुलाब के नए पौधे कैसे तैयार करें

गुलाब की कटिंग से नया पौधा तैयार करना बहुत सरल प्रक्रिया है। आपको बस किसी स्वस्थ गुलाब के पौधे से लगभग 4 से 6 इंच लंबी शाखा का चयन करना होगा। यह ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि चुनी गई शाखा न तो बहुत अधिक कोमल और कच्ची हो और न ही पूरी तरह से सूखी हुई। कटिंग के निचले हिस्से की सभी पत्तियां हटा दें और ऊपर की तरफ केवल कुछ पत्तियां छोड़ें। अब इस शाखा को मिट्टी और अच्छी तरह से पकी हुई खाद के मिश्रण में लगा दें। याद रखें कि मिट्टी को हमेशा गीला रखने के बजाय केवल नम बनाए रखना ही सही होता है। कुछ हफ्तों के धैर्य के बाद, आप देखेंगे कि कटिंग में नई पत्तियां अंकुरित होने लगी हैं।

गुड़हल को उगाना है आसान

गुड़हल का पौधा भी कटिंग के जरिए बहुत तेजी से विकसित होता है। इसके लिए आपको पौधे की एक ऐसी टहनी चुननी चाहिए जो स्वस्थ हो और थोड़ी मोटी हो। कटिंग की लंबाई को 5 से 6 इंच के बीच रखना सबसे उपयुक्त माना जाता है। कटिंग के नीचे की अतिरिक्त पत्तियां हटा दें ताकि ऊर्जा जड़ों के विकास में लग सके। इसे लगाने के लिए ऐसी मिट्टी का उपयोग करें जिसमें जल निकासी की उचित व्यवस्था हो, ताकि गमले में पानी जमा न हो सके। शुरुआती दिनों में इस कटिंग को तेज धूप से बचाना अनिवार्य है। थोड़ी सी देखभाल और सही नमी के साथ, कुछ ही हफ्तों में नई ग्रोथ देखी जा सकती है।

मनी प्लांट की देखभाल और कटिंग

मनी प्लांट को कटिंग से उगाना सबसे आसान काम है। इसकी बेल काटते समय ध्यान रखें कि उसमें कम से कम दो से तीन नोड यानी गांठें मौजूद हों। इन गांठों वाले स्थानों से ही नई जड़ें निकलने की प्रक्रिया शुरू होती है। आप इसे पानी में रखकर भी उगा सकते हैं और सीधे मिट्टी में भी लगा सकते हैं। यदि आप पानी का विकल्प चुनते हैं, तो हर कुछ दिनों के अंतराल पर पानी को बदलना सुनिश्चित करें। यदि मिट्टी में लगा रहे हैं, तो नमी पर विशेष ध्यान दें। मनी प्लांट को घर के अंदर ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी आती हो, लेकिन सीधी धूप न हो।

सजावटी पौधों जैसे बोगनवेलिया के लिए टिप्स

बोगनवेलिया जैसे सजावटी पौधों को भी मानसून के बाद की अनुकूल स्थितियों में आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए भी 5 से 6 इंच की स्वस्थ शाखा का चुनाव करें और नीचे की पत्तियां हटा दें। इसे लगाने के लिए हल्की और भुरभुरी मिट्टी का उपयोग करें जिससे पानी आसानी से निकल जाए। कटिंग लगाने के तुरंत बाद उसे तेज धूप में रखने की भूल न करें। जब तक पौधा स्थापित न हो जाए, इसे ऐसी जगह रखें जहां रोशनी तो अच्छी हो, मगर तेज गर्मी या सीधी धूप न आए। मिट्टी के ऊपर की सतह जब हल्की सूखने लगे, तभी पानी दें।

मिट्टी का चुनाव और गमले की तैयारी

कटिंग की सफलता काफी हद तक गमले और उसकी मिट्टी पर निर्भर करती है। यदि मिट्टी बहुत भारी है या उसमें पानी ठहर जाता है, तो कटिंग सड़ सकती है। मिट्टी को हल्का बनाने के लिए आप इसमें थोड़ी मात्रा में रेत या कोकोपीट और खाद मिला सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि गमले में नीचे की तरफ पानी निकासी के लिए उचित छेद होने चाहिए। कटिंग लगाने के बाद गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां हवा का आवागमन होता रहे। शुरुआती चरण में अत्यधिक पानी देने से बचें, क्योंकि कटिंग को केवल हल्की नमी की आवश्यकता होती है।

धैर्य और सफलता के नियम

कटिंग लगाने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चीज धैर्य रखना है। अक्सर ऊपर से देखने पर कई दिनों तक कोई बदलाव नजर नहीं आता है, लेकिन मिट्टी के नीचे जड़ों के विकसित होने की प्रक्रिया चल रही होती है। बार-बार कटिंग को मिट्टी से बाहर निकालकर यह जांचने की गलती न करें कि जड़ें आई हैं या नहीं, क्योंकि ऐसा करने से विकसित हो रही जड़ें टूट सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है। बस मिट्टी की नमी को समय-समय पर जांचते रहें। जब आप देखें कि कटिंग में नई टहनियां और पत्तियां फूट रही हैं, तो समझ जाइए कि पौधा अब जम चुका है। अपने घर की हरियाली को बढ़ाने के लिए एक साथ दो या तीन कटिंग लगाएं ताकि सफलता की संभावना बनी रहे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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