जीवनशैली
एक घंटा पहले
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देखने में इडली जितनी आसान लगती है, उसे घर पर बिल्कुल होटल जैसी नरम और स्पंजी बनाना उतना सरल नहीं माना जाता. अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि बैटर ठीक से फूलता नहीं, इडली सख्त रह जाती है या उसमें वह हल्की, हवा जैसी बनावट ही नहीं आ पाती. लेकिन असली अंतर कुछ छोटे-छोटे कदमों और सही फर्मेंटेशन से ही पड़ता है.
लगभग हर भारतीय रसोई में यह सवाल कभी न कभी जरूर उठता है कि आखिर ऐसी इडली कैसे बनाई जाए जो प्लेट में रखते ही नरम महसूस हो और मुंह में जाते ही घुल जाए. इसका जवाब महंगे उपकरणों में नहीं, बल्कि सही अनुपात, पीसने के तरीके और तापमान की सही समझ में छिपा है.
सही शुरुआत: दाल और चावल का अनुपात ही तय करता है नतीजा
इडली का बैटर तैयार करते समय सबसे पहले अनुपात पर ध्यान देना जरूरी है. आमतौर पर 3 से 4 कप इडली राइस के साथ 1 कप साबुत उड़द दाल को अच्छा संतुलन माना जाता है. उड़द दाल बैटर में हवा पकड़ने और उसे हल्का बनाने में मदद करती है.
इसके साथ एक छोटा चम्मच मेथी दाना भिगोना भी फायदेमंद रहता है. मेथी सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि बैटर को बेहतर ढंग से फर्मेंट होने में भी मदद करती है.
पीसने और फर्मेंटेशन का सही तरीका
बैटर को ठंडे पानी से पीसना चाहिए, ताकि पीसते समय वह ज्यादा गर्म न हो और हवा अच्छी तरह बनी रहे. इसके बाद बैटर को करीब 8 से 12 घंटे तक फर्मेंट होने देना सबसे अहम कदम माना जाता है. यही वह चरण है जो इडली को स्पंजी और मुलायम बनावट देता है.
पोहा की छोटी ट्रिक
स्पंजी और फूली हुई इडली के लिए पोहा की छोटी ट्रिक भी काफी काम आती है. यह बैटर में नमी और हल्कापन बनाए रखने में मदद करती है, जिससे इडली में वही नरम और जालीदार टेक्सचर आता है.
स्टीम करने से पहले रखें यह सावधानी
एक बात का खास ध्यान रखें कि स्टीम करने से ठीक पहले बैटर को ज्यादा न चलाएं. बैटर को बहुत हिलाने या फेंटने से उसमें बनी हवा निकल जाती है और इडली उतनी फूली नहीं बन पाती. इन्हीं छोटे-छोटे कदमों को अपनाकर घर पर भी होटल जैसी मुलायम और स्पंजी इडली बनाई जा सकती है.
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