राष्ट्रीय राजनीति
57 मिनट पहले
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तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल चुके तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के अध्यक्ष थलापति विजय ने अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को एक अहम राजनीतिक तोहफा दिया है। विजय ने आगामी 18 सितंबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए तमिलनाडु की एकमात्र सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी है। राजनीतिक हलकों में इस कदम को विजय के शपथ ग्रहण समारोह में खास मेहमान के तौर पर शामिल हुए राहुल गांधी के लिए 'रिटर्न गिफ्ट' के रूप में देखा जा रहा है।
संकट के समय मिले समर्थन का बदला
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राहुल गांधी, विजय के लिए किसी संकटमोचक से कम साबित नहीं हुए थे। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी विजय की टीवीके को कांग्रेस ने समर्थन देकर उन्हें मुश्किल हालात से बाहर निकाला था। अब टीवीके अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री विजय ने इसी एहसान का जवाब देते हुए कांग्रेस को ऐसा राजनीतिक उपहार दिया है, जिसकी चर्चा हर ओर हो रही है। विजय ने बुधवार को औपचारिक रूप से घोषणा कर दी कि राज्यसभा चुनाव के लिए तमिलनाडु की इकलौती सीट कांग्रेस को आवंटित की गई है।
एक दिन पहले हुई थी गुप्त मुलाकात
दरअसल, इस अहम फैसले की पटकथा एक दिन पहले ही तैयार हो चुकी थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चेन्नई में मुख्यमंत्री विजय से एक खास और गोपनीय मुलाकात की थी। इस बंद कमरे की बैठक के बाद से ही राज्य के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि राज्यसभा सीटों के बंटवारे और आगे की रणनीति को लेकर दोनों दलों के बीच कोई बड़ा समझौता हुआ है।
हालांकि बैठक के तुरंत बाद किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। लेकिन गठबंधन के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, चिदंबरम और सीएम विजय के बीच सहयोगी दलों में तालमेल बनाने तथा राज्यसभा चुनाव के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार तय करने को लेकर लंबी बातचीत हुई थी। बुधवार को टीवीके मुख्यालय से जारी संक्षिप्त बयान ने इन तमाम अटकलों पर मुहर लगा दी।
कांग्रेस जल्द करेगी उम्मीदवार के नाम का ऐलान
थलापति विजय के इस निर्णय से कांग्रेस खेमे में जबरदस्त उत्साह है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने टीवीके के इस फैसले का खुलकर स्वागत किया है और इसे दोनों दलों के बीच 'आपसी विश्वास और मजबूत सहयोग का प्रतीक' बताया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान आने वाले कुछ ही दिनों में तमिलनाडु से अपने राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा कर देगा।
गठबंधन के पास है जीत का 'मैजिक नंबर'
तमिलनाडु का यह राज्यसभा चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। विधानसभा में टीवीके के विधायकों की बड़ी संख्या के अलावा पांच निर्दलीय और सहयोगी विधायकों का भी पूरा समर्थन गठबंधन को हासिल है। इन सभी ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के रूप में विजय के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। ऐसे में इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार की जीत महज एक औपचारिकता मानी जा रही है।
विपक्षी एकता को मजबूत संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम विजय का यह कदम सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की एकता को मजबूत संदेश देगा। अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत में ही सहयोगियों को तरजीह देकर विजय ने राज्य में अपनी गठबंधन सरकार की स्थिरता का साफ संकेत भी दे दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस इस सुरक्षित सीट से किसे राज्यसभा भेजती है।
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