सूरत में हीरा फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में उतरे 4 मजदूरों की दम घुटने से मौत, जहरीली गैस बनी वजह गुजरात 6 दिन पहले 7
गुजरात के सूरत में एक ज्वेलरी यूनिट के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक सुपरवाइजर समेत चार मजदूरों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में चूक सामने आई है।

गुजरात के सूरत में एक गहने बनाने वाली फैक्ट्री में रविवार को उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए नीचे उतरे चार मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। यह घटना शहर के वराछा के खांड बाजार स्थित एक हीरा फैक्ट्री में हुई। हादसे की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चारों मजदूरों को बाहर निकालकर इलाज के लिए स्मीमेर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वराछा थाना क्षेत्र की पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह ज्वेलरी बनाने वाली इस यूनिट में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीला धुआं सांस में जाने से चारों मजदूरों की जान चली गई। जोन-1 के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस आलोक कुमार ने बताया कि मौत की मुख्य वजह दम घुटना हो सकती है, हालांकि असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। उन्होंने बताया कि यह हादसा अश्विनी कुमार इलाके के उस सेप्टिक टैंक में हुआ, जिसमें ज्वेलरी की सफाई की प्रक्रिया से निकलने वाला कचरा जमा होता है।

हर दो महीने में होती है टैंक की सफाई

अधिकारियों के मुताबिक इस जगह के सेप्टिक टैंक की हर दो महीने में सफाई और रखरखाव किया जाता है। रविवार सुबह एक सुपरवाइजर और तीन मजदूर, यानी कुल चार लोग टैंक में उतरे थे। जहरीली गैस का असर इतना तेज था कि चारों उसी में गिर पड़े और किसी की जान नहीं बच सकी। डीसीपी ने कहा, "हम यह जांच कर रहे हैं कि किसकी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, क्योंकि शुरुआती पड़ताल में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न होने की बात सामने आ रही है। बावजूद इसके, हम पूरे मामले की गहराई से जांच करेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि सुपरवाइजर ने टैंक में उतरने से पहले खुद ही फायर डिपार्टमेंट को फोन किया था और शुरुआती जांच के मुताबिक उनके पास कोई सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं था।

सीसीटीवी फुटेज की होगी जांच

अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। चारों पीड़ितों को टैंक से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डीसीपी ने बताया, "फिलहाल हम आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही हम सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण करेंगे ताकि यह जाना जा सके कि कौन-से प्रोटोकॉल अपनाए जाने चाहिए थे और जमीनी स्तर पर वास्तव में क्या लागू किया गया। इसके बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।"

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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