सुपौल में शराब के नशे में गिरफ्तार हुए मुखिया, गिरफ्तारी के बाद दी ऐसी दलील कि दंग रह गए अधिकारी बिहार एक घंटा पहले 3
बिहार के सुपौल में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बकौर पंचायत के मुखिया को उत्पाद विभाग ने नशे की हालत में पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद मुखिया ने बेहद अजीबोगरीब सफाई दी जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।

बिहार में शराबबंदी के बीच मुखिया की करतूत

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत राज्य में शराब का सेवन करना, उसे बेचना या उसका व्यापार करना पूरी तरह से प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। इस कानून को लेकर बिहार की जनता के बीच अक्सर बहस देखने को मिलती है। एक तरफ जहां कई लोग इस फैसले का समर्थन करते हैं, वहीं दूसरी ओर एक बड़ा वर्ग यह आरोप लगाता है कि शराबबंदी के कारण अवैध तस्करी और अपराधों का ग्राफ बढ़ा है। इस बीच, सुपौल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

बकौर चौक पर हुई कार्रवाई

सुपौल सदर थाना क्षेत्र के बकौर पंचायत के मुखिया नंदन कुमार पंडित को उत्पाद विभाग की टीम ने नशे की हालत में गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना बुधवार को बकौर चौक के पास घटी। उत्पाद विभाग की टीम नियमित जांच अभियान के तहत बकौर चौक पर तैनात थी। अधिकारियों को वहां मौजूद कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद टीम ने मौके पर ही लोगों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान नंदन कुमार पंडित भी जांच के घेरे में आ गए।

ब्रेथ एनालाइजर से हुई पुष्टि

जांच के दौरान जब ब्रेथ एनालाइजर मशीन का उपयोग किया गया, तो उसमें नंदन कुमार पंडित द्वारा शराब के सेवन की पुष्टि हुई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उनकी मेडिकल जांच कराई गई और इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। उत्पाद अधीक्षक अशोक कुमार ने बुधवार दोपहर को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की टीम शराब माफियाओं और शराब पीने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।

मुखिया की अजीबोगरीब सफाई

जब अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की, तो पता चला कि वह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि बकौर पंचायत के मुखिया हैं। पद की पुष्टि होने के बाद जब उनसे शराब पीने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने एक बहुत ही अजीब दलील दी। मुखिया ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें अपनी पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए अस्पताल जाना था। उन्होंने दावा किया कि जल्दबाजी और दबाव में होने के कारण उन्होंने इंग्लिश शराब का सेवन कर लिया था। हालांकि, उनकी यह दलील उत्पाद विभाग के अधिकारियों को प्रभावित नहीं कर सकी और उन पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की गई।

जनप्रतिनिधि की गिरफ्तारी पर चर्चा

एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के इस तरह शराब के नशे में पकड़े जाने से पूरे पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आने वाले समय में भी जांच अभियान जारी रहेगा और शराब से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

शराबबंदी पर सरकार का रुख

गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में राज्य में शराबबंदी को लेकर अपना रुख साफ किया है। उन्होंने अपने एक बयान में स्पष्ट कर दिया था कि राज्य से शराबबंदी को हटाने का कोई विचार नहीं है। मुख्यमंत्री का तर्क है कि शराबबंदी के फैसले के बाद से न केवल महिलाओं में खुशी है, बल्कि राज्य में अपराध की घटनाओं में भी गिरावट दर्ज की गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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