उपनाम: प्रेरणा
पहली नौकरी छिनने से लेकर 1.5 करोड़ के पैकेज तक, इंजीनियर की प्रेरणादायक कामयाबी
एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी से निकाले जाने के बाद भी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के दम पर 2.9 लाख रुपये के शुरुआती पैकेज से 1.5 करोड़ रुपये सालाना तक का सफर तय किया।
60 साल की उम्र में मिट्टी के चूल्हे पर जलेबी बनाकर मिसाल बनीं सबंदो बाई, संघर्ष से बदल दी जिंदगी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 60 वर्षीय सबंदो बाई मिट्टी के चूल्हे पर देसी जलेबी बनाकर सम्मान की आजीविका कमा रही हैं। कभी मजदूरी करके दो वक्त की रोटी के लिए जूझने वाली अम्मा अब अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
78 साल की उम्र में कमाल: इसरो से रिटायर होने के बाद क्रैक की इंजीनियरिंग परीक्षा, रोजाना 12 घंटे करते थे पढ़ाई
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व कर्मचारी त्वरकवि चंगल प्रसाद ने 78 साल की उम्र में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास कर मिसाल पेश की है। उन्होंने न केवल इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण किया, बल्कि तीसरी रैंक भी हासिल की है।
NEET PG में 67वीं रैंक: पिता के निधन के दिन बोर्ड परीक्षा, मां ने छिपाया अपना सबसे बड़ा दुख
समस्तीपुर के डॉ. अभिषेक ने NEET PG में शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया 67वीं रैंक प्राप्त की है। उनके इस सफर के पीछे एक बेहद भावुक कहानी है, जिसमें उनकी मां ने पिता की मृत्यु का दुख छिपाकर बेटे को बोर्ड परीक्षा देने भेजा था।
मुंबई में छोले-भटूरे की दुकान का कमाल: 18 लाख के कर्ज से निकलकर पहुंचा 2 करोड़ रुपये के मंथली टर्नओवर तक
मुंबई में 'दिल्ली से' नाम की छोले-भटूरे की दुकान की किस्मत एक फोन कॉल और सोशल मीडिया पोस्ट ने बदल दी, जो आज करोड़ों का बिजनेस कर रही है।
20 किलो वजन घटाने के बाद नमिता सतीश ने बताया जीवन में आया बड़ा बदलाव
न्यूट्रिशनिस्ट नमिता सतीश ने अपना 20 किलो वजन कम करने के बाद के अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे शारीरिक बदलाव ने उनके आत्मविश्वास और जीवन जीने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है।
28 साल पहले लोगों के तानों से शुरू हुआ था सफर, आज 80 लाख का टर्नओवर बना चुका है मिसाल
सागर के पंकज जैन ने कभी लोगों के ताने सुनकर अपना छोटा सा व्यवसाय शुरू किया था, आज वही यूनिट सालाना 80 लाख रुपए की कमाई कर रही है।
पावरलूम की मजदूरी से मिठाई के व्यवसाय तक, बुरहानपुर के निलेश राजपूत की प्रेरणादायक कहानी
बुरहानपुर के रहने वाले निलेश राजपूत ने पावरलूम में मजदूरी करने का काम छोड़कर अपनी मेहनत और लगन से मिठाई और नमकीन का सफल व्यवसाय शुरू किया है। आज वे न केवल अपने होटल का संचालन कर रहे हैं, बल्कि अन्य चार लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं।
पूर्णिया के रूपेंद्र दुबे की प्रेरणादायक कहानी, कभी 60 रुपये घंटे पर खेतों में करते थे मेहनत, आज हैं 22 परिवारों के मददगार
बिहार के पूर्णिया में रहने वाले रूपेंद्र मोहन दुबे ने मां की सीख को अपनाकर सफलता की नई इबारत लिखी है। आज वे अपने ढाबे के जरिए दर्जनों लोगों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
कोटा की प्रेरणादायक कहानी: मजदूरी छोड़ राहुल ने अपनाया गुब्बारे बेचने का काम, सरकारी नौकरी को दी टक्कर
कोटा के नांता निवासी राहुल ने महज 5 गुब्बारों से अपने बिजनेस की शुरुआत की और आज वे अपनी मेहनत से हर महीने 30 से 35 हजार रुपए तक की कमाई कर रहे हैं।
चाणक्य नीति: जीवन में इन 3 स्थितियों में कभी न करें संकोच, शर्म करने वाले का होता है नुकसान
आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में तीन ऐसी महत्वपूर्ण परिस्थितियों का उल्लेख किया है जिनमें व्यक्ति को कभी भी शर्म या संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो लोग दिखावे के चक्कर में इन बुनियादी बातों से बचते हैं, वे अपने जीवन में आगे बढ़ने के...
शॉर्टकट अपनाना जीवन को छोटा कर सकता है, युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को सोशल मीडिया के शॉर्टकट से बचने की सलाह दी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की जीवनी के माध्यम से जीवन में धैर्य व संघर्ष के महत्व को रेखांकित किया।
समस्तीपुर के दिनेश शर्मा: 60 की उम्र में बांसुरी की जादुई धुन से मोह लेते हैं लोगों का मन
बिहार के समस्तीपुर में रहने वाले 60 वर्षीय दिनेश कुमार शर्मा अपनी बांसुरी वादन कला से राहगीरों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं, साथ ही वे नई पीढ़ी को संगीत की बारीकियां भी सिखा रहे हैं।
सफलता की प्रेरणादायक कहानी: खेती में लौटने के डर ने कैसे एक छात्र को बना दिया बड़ा अफसर
बालोद जिले में पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. डीके सिहारे की सफलता की कहानी संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। अंग्रेजी की बाधाओं और कॉलेज में असफलता के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे हजारों किसानों की तकदीर बदल रहे हैं।
सफलता के लिए क्यों जरूरी है मानसिक थकान को समझना, हार और जीत का मनोविज्ञान क्या है
मानसिक थकान का अर्थ केवल शरीर का थकना नहीं है, बल्कि यह वह स्थिति है जब मस्तिष्क निर्णय लेने की क्षमता खो देता है। जानें कि क्यों कुछ लोग असफलताओं के बाद भी डटे रहते हैं और कुछ छोटी बाधाओं में ही हार मान लेते हैं।