उपनाम: प्रेरणा
पावरलूम की मजदूरी से मिठाई के व्यवसाय तक, बुरहानपुर के निलेश राजपूत की प्रेरणादायक कहानी
बुरहानपुर के रहने वाले निलेश राजपूत ने पावरलूम में मजदूरी करने का काम छोड़कर अपनी मेहनत और लगन से मिठाई और नमकीन का सफल व्यवसाय शुरू किया है। आज वे न केवल अपने होटल का संचालन कर रहे हैं, बल्कि अन्य चार लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं।
पूर्णिया के रूपेंद्र दुबे की प्रेरणादायक कहानी, कभी 60 रुपये घंटे पर खेतों में करते थे मेहनत, आज हैं 22 परिवारों के मददगार
बिहार के पूर्णिया में रहने वाले रूपेंद्र मोहन दुबे ने मां की सीख को अपनाकर सफलता की नई इबारत लिखी है। आज वे अपने ढाबे के जरिए दर्जनों लोगों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
कोटा की प्रेरणादायक कहानी: मजदूरी छोड़ राहुल ने अपनाया गुब्बारे बेचने का काम, सरकारी नौकरी को दी टक्कर
कोटा के नांता निवासी राहुल ने महज 5 गुब्बारों से अपने बिजनेस की शुरुआत की और आज वे अपनी मेहनत से हर महीने 30 से 35 हजार रुपए तक की कमाई कर रहे हैं।
चाणक्य नीति: जीवन में इन 3 स्थितियों में कभी न करें संकोच, शर्म करने वाले का होता है नुकसान
आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में तीन ऐसी महत्वपूर्ण परिस्थितियों का उल्लेख किया है जिनमें व्यक्ति को कभी भी शर्म या संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो लोग दिखावे के चक्कर में इन बुनियादी बातों से बचते हैं, वे अपने जीवन में आगे बढ़ने के...
शॉर्टकट अपनाना जीवन को छोटा कर सकता है, युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को सोशल मीडिया के शॉर्टकट से बचने की सलाह दी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की जीवनी के माध्यम से जीवन में धैर्य व संघर्ष के महत्व को रेखांकित किया।
समस्तीपुर के दिनेश शर्मा: 60 की उम्र में बांसुरी की जादुई धुन से मोह लेते हैं लोगों का मन
बिहार के समस्तीपुर में रहने वाले 60 वर्षीय दिनेश कुमार शर्मा अपनी बांसुरी वादन कला से राहगीरों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं, साथ ही वे नई पीढ़ी को संगीत की बारीकियां भी सिखा रहे हैं।
सफलता की प्रेरणादायक कहानी: खेती में लौटने के डर ने कैसे एक छात्र को बना दिया बड़ा अफसर
बालोद जिले में पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. डीके सिहारे की सफलता की कहानी संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। अंग्रेजी की बाधाओं और कॉलेज में असफलता के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे हजारों किसानों की तकदीर बदल रहे हैं।
सफलता के लिए क्यों जरूरी है मानसिक थकान को समझना, हार और जीत का मनोविज्ञान क्या है
मानसिक थकान का अर्थ केवल शरीर का थकना नहीं है, बल्कि यह वह स्थिति है जब मस्तिष्क निर्णय लेने की क्षमता खो देता है। जानें कि क्यों कुछ लोग असफलताओं के बाद भी डटे रहते हैं और कुछ छोटी बाधाओं में ही हार मान लेते हैं।
ससुर के अनोखे तोहफे से बदली दामाद की किस्मत, बनारस के युवक ने बालोद में बिना पूंजी के शुरू किया सफल कारोबार
छत्तीसगढ़ के बालोद में ससुर और दामाद के अनोखे रिश्ते की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां ससुर ने अपने दामाद को न केवल रोजगार का साधन दिया, बल्कि बिना किसी निवेश के उसे आत्मनिर्भर बनाया। आज रविकांत गुप्ता अपनी चाट की दुकान के जरिए इलाके में मशहूर हो...
संघर्ष की मिसाल: चार बार UPSC में मिली हार के बाद शशांक गौरव ने रचा इतिहास, हासिल की BPSC में दूसरी रैंक
बिहार के सारण जिले के रहने वाले शशांक गौरव ने लगातार यूपीएससी और बीपीएससी में मिली असफलताओं के बाद हार नहीं मानी और अपनी रणनीति बदलकर शानदार सफलता अर्जित की।
वैशाली: प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच डीएम वर्षा सिंह बनीं 'कलेक्टर दीदी', सरकारी स्कूल के छात्रों को पढ़ाकर संवार रही हैं भविष्य
बिहार के वैशाली जिले में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने अनूठी पहल शुरू की है, जिसके तहत वे हर शनिवार स्कूली बच्चों को खुद पढ़ाती हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
सफलता की कहानी: सेल्स मैनेजर की नौकरी छोड़कर संजीव बने खुद के मालिक, आज करोड़ों का है कारोबार
पूर्णिया के संजीव कुमार ने बीटेक और एमबीए की पढ़ाई के बाद कई शहरों में सेल्स मैनेजर के तौर पर काम किया, लेकिन उनका सपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का था। आज वे अपनी कंपनी के मालिक हैं और सालाना 2.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।
वैशाली में 'कलेक्टर दीदी की पाठशाला': डीएम वर्षा सिंह का बच्चों को भविष्य संवारने का अनोखा प्रयास
वैशाली की जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह बच्चों के बीच 'कलेक्टर दीदी' बनकर शिक्षा की अलख जगा रही हैं, जहाँ वे प्रशासनिक अनुभवों के जरिए विद्यार्थियों को करियर और जीवन के लिए तैयार कर रही हैं।
असफलता के दौर में मुंशी प्रेमचंद के ये विचार भरेंगे आपमें नया आत्मविश्वास
महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के अनमोल विचार आज भी जीवन के कठिन संघर्षों में दिशा दिखाने का काम करते हैं। यदि आप हार से निराश महसूस कर रहे हैं, तो उनके ये विचार आपको पुनः उठ खड़े होने की प्रेरणा देंगे।
Krishna Bhagavad Gita Gyan: सच्चे और ईमानदार लोग अक्सर अकेले क्यों रह जाते हैं
जीवन की कठिन राहों पर चलने वाले नेक इंसान अक्सर अकेलापन महसूस करते हैं. भगवद् गीता में भगवान Krishna ने इसका गहरा अर्थ समझाया है.