एमकॉम डिग्री को दी मात, लाखों की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ पिता के सपने को बनाया अपना करियर व्यापार एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले भारत महाजन ने अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद कॉर्पोरेट जगत की चमक-धमक को छोड़कर अपने पारिवारिक होटल व्यवसाय को नई पहचान दी है। आज वे न केवल अपना होटल सफलतापूर्वक चला रहे हैं, बल्कि 10 अन्य परिवारों के लिए रोजगार का बड़ा जरिया भी बने हुए हैं।

कॉर्पोरेट की राह छोड़ चुना अपनों का साथ

आमतौर पर युवा उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद मल्टीनेशनल कंपनियों यानी MNC में ऊंचे पैकेज वाली नौकरियों की तलाश में जुट जाते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के रास्तीपुरा इलाके में रहने वाले भारत महाजन ने एक अलग ही राह चुनी है। एमकॉम जैसी उच्च डिग्री हासिल करने के बावजूद, भारत ने किसी कंपनी में मोटी तनख्वाह वाली कुर्सी संभालने के बजाय अपने पिता के वर्षों पुराने सपने को हकीकत में बदलने का फैसला किया। पिछले लगभग 20 वर्षों से वे बेहद लगन के साथ मराठा दरबार होटल का सफल संचालन कर रहे हैं।

पिता का सपना और प्रेरणा

भारत महाजन का मानना है कि शिक्षा केवल डिग्री पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह अपने समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने का एक जरिया भी है। वे बताते हैं कि होटल की शुरुआत उनके पिता ने की थी और अपनी पढ़ाई के दिनों में ही भारत उनके काम में मदद किया करते थे। उनके पिता की हमेशा से एक ही दिली इच्छा थी कि परिवार का व्यवसाय ऐसा हो जो न केवल खुद का पेट भरे, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे सके।

अपनी एमकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत के पास नौकरी के कई लुभावने विकल्प मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने उन विकल्पों को दरकिनार करते हुए अपने पिता की दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतारने का विकल्प चुना। आज वे न केवल होटल के मालिक हैं, बल्कि खुद भी हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को संभालते हैं।

10 परिवारों के लिए रोजगार का जरिया

भारत की इस मेहनत का सकारात्मक परिणाम यह निकला है कि मराठा दरबार होटल आज क्षेत्र के लोगों के लिए आजीविका का बड़ा साधन बन चुका है। वर्तमान में उनके होटल में 10 लोग काम कर रहे हैं। वे सभी कर्मचारी खाना बनाने से लेकर ग्राहकों की सेवा करने और होटल की अन्य दैनिक व्यवस्थाओं को कुशलतापूर्वक पूरा करते हैं। भारत का मुख्य लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराना है।

गुणवत्ता और विश्वास ही सफलता का मूल मंत्र

किसी भी व्यवसाय की सफलता के पीछे ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी पूंजी होती है, और मराठा दरबार होटल के मामले में यह बात पूरी तरह सटीक बैठती है। भारत महाजन के अनुसार, उनका पूरा ध्यान ग्राहकों को स्वादिष्ट और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने पर रहता है। होटल में परोसे जाने वाले शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों को लेकर वे बेहद सतर्क रहते हैं।

स्थानीय ग्राहकों के बीच अपनी खास पहचान बना चुका यह होटल अब नियमित आने वाले लोगों के लिए पहली पसंद बन गया है। भारत इस सफलता का श्रेय अपनी ईमानदारी और कड़ी मेहनत को देते हैं। उन्होंने अपनी शिक्षा का सही इस्तेमाल करते हुए पारिवारिक व्यवसाय को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया है। आज उनका यह कदम उन युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है, जो यह मानते हैं कि पढ़ाई के बाद केवल नौकरी करना ही एकमात्र रास्ता है। भारत महाजन ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में कदम उठाए जाएं, तो पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाकर भी न केवल अपना भविष्य संवारा जा सकता है, बल्कि समाज में बदलाव की एक नई इबारत भी लिखी जा सकती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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