20 साल की उम्र में मछली पालन से कमाए 7 लाख रुपये, जहानाबाद के नवनीत ने पढ़ाई के साथ खड़ा किया सफल कारोबार व्यापार 4 घंटे पहले 2
जहानाबाद के रहने वाले 20 वर्षीय युवा नवनीत कुमार ने अपनी स्नातक की पढ़ाई के साथ मछली पालन का व्यवसाय शुरू कर एक मिसाल पेश की है। महज 15 कट्ठे के तालाब से शुरुआत कर उन्होंने एक सीजन में 7 लाख रुपये तक की शानदार कमाई की है।

मछली पालन से युवाओं की बदल रही तकदीर

आज के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए मछली पालन आय का एक बेहतरीन साधन बनकर उभरा है। यही कारण है कि अब लोग पारंपरिक खेती के तरीकों से हटकर इस व्यवसाय की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लोग, चाहे वे आर्थिक रूप से सक्षम हों या सामान्य, इस क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कई किसानों का मानना है कि धान और गेहूं की पारंपरिक खेती की तुलना में मछली पालन में अधिक लाभ है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड के रहने वाले 20 साल के युवा नवनीत कुमार ने सफलता की नई कहानी लिखी है।

पढ़ाई और खेती का अनूठा तालमेल

नवनीत कुमार वर्तमान में एक स्नातक छात्र हैं। उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखते हुए अपने आसपास के क्षेत्र में बढ़ते मछली पालन के चलन को गंभीरता से देखा। उन्होंने महसूस किया कि यह व्यवसाय न केवल कम खर्चीला है, बल्कि इसमें मुनाफा भी कहीं अधिक है। अपनी इसी सोच को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने 15 कट्ठा जमीन पर तालाब खुदवाकर मछली पालन की शुरुआत की। उनकी यह मेहनत अब रंग ला रही है और वे न केवल अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

सरकारी नौकरी की तैयारी के साथ बिजनेस

अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए नवनीत ने बताया कि वह एक स्नातक छात्र हैं और उनकी उम्र अभी मात्र 20 साल है। सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ-साथ वे इस व्यवसाय को भी संभाल रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने देखा कि उनके गांव में कई लोग बड़े पैमाने पर मछली पालन कर रहे हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं, तो उन्होंने भी इस बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। छानबीन करने पर उन्हें पता चला कि धान-गेहूं की खेती की तुलना में इस क्षेत्र में कमाई का दायरा काफी बड़ा है। इसके बाद उन्होंने पूरी योजना तैयार की और पिछले साल तालाब की खुदाई करवाई।

एक सीजन में हुई बड़ी कमाई

नवनीत ने अपने तालाब में आईएमसी यानी इंडियन मेजर कार्प और पैंगेसियस प्रजाति की मछलियों का पालन शुरू किया। उनकी मेहनत तब सफल हुई जब पहली हार्वेस्टिंग के दौरान उन्हें उम्मीद से कहीं बेहतर परिणाम मिले। उन्होंने बताया कि केवल एक सीजन की हार्वेस्टिंग से उन्हें 6 से 7 लाख रुपये तक की आमदनी हुई। इतनी बड़ी राशि हाथ में आने के बाद उनका उत्साह और अधिक बढ़ गया। उन्होंने महसूस किया कि इस व्यवसाय को आगे बढ़ाना उनके भविष्य के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

विस्तार की योजना और बेहतर भविष्य

अपनी पहली सफलता से प्रेरित होकर अब नवनीत ने अपने काम का दायरा और बढ़ा दिया है। अब वह एक बीघा से अधिक क्षेत्रफल में मछली पालन कर रहे हैं। नवंबर महीने में उनकी दूसरी हार्वेस्टिंग होनी है, जिसे लेकर वह काफी उत्साहित हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार उनकी कमाई का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में और अधिक होगा। नवनीत का मानना है कि इस काम में मेहनत की तुलना में आमदनी बहुत अच्छी है और इसमें खर्च भी काफी कम आता है। इसी सोच के साथ वह पूरी लगन से अपनी पढ़ाई और मछली पालन के व्यवसाय को एक साथ लेकर चल रहे हैं, ताकि वह अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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