मध्य प्रदेश में मानसून का जोरदार कमबैक: जबलपुर और रीवा समेत 21 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 5
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य के पूर्वी हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने के आसार हैं।

मध्य प्रदेश में फिर से सक्रिय हुआ मानसून

मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं, जिससे प्रदेश भर के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। विशेष रूप से राज्य के पूर्वी हिस्सों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटों के दौरान झमाझम बारिश का दौर जारी रह सकता है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में एक मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय हुआ है, जो भारी बारिश का मुख्य कारण बना हुआ है। शनिवार के दिन को लेकर मौसम विभाग ने प्रदेश के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

21 जिलों पर मंडरा रहा बारिश का खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग IMD के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश के कुल 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें से 12 जिलों में विशेष रूप से अत्यधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय सिस्टम के प्रभाव से बादल लगातार बरस रहे हैं। इन इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

इन संभागों में सबसे अधिक असर

मौसम के बिगड़े मिजाज का असर मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में रहने की संभावना है:

  • जबलपुर संभाग: यहां मानसून की सक्रियता सबसे अधिक देखी जा रही है।
  • शहडोल संभाग: भारी वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
  • रीवा और सागर संभाग: इन क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि झारखंड और उससे सटे गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर बने डिप्रेशन के प्रभाव के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 15 अगस्त 2026 तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना पहले ही जताई गई थी। अब उसी के चलते प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का जोर बना हुआ है।

प्रशासन की सलाह और सावधानी

भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर सकता है, सड़कों पर जलजमाव की समस्या हो सकती है और स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे अनावश्यक यात्रा करने से बचें और किसी सुरक्षित स्थान पर ही रुकें। किसानों के लिए यह बारिश राहत की खबर लेकर आई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में पहले से ही अधिक वर्षा दर्ज की गई है, वहां की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। नागरिकों को मौसम की पल-पल की जानकारी लेने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने का सुझाव दिया गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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