स्तम्भेश्वर महादेव: वह अनोखा शिव मंदिर जिसकी राह दिन में कुछ घंटों के लिए समंदर निगल जाता है धर्म एक घंटा पहले 2
गुजरात के तट पर बसा स्तम्भेश्वर महादेव मंदिर ज्वार के समय समुद्र के पानी में पूरी तरह समा जाता है और भाटे के साथ दोबारा प्रकट हो जाता है। प्रकृति और आस्था का यही अद्भुत संगम इसे देश के सबसे रहस्यमयी धार्मिक स्थलों में शामिल करता है।

भारत में कुछ स्थान अपनी धार्मिक मान्यता से कहीं ज्यादा अपने अनोखे प्राकृतिक रहस्यों के कारण लोगों को चकित करते हैं। गुजरात का स्तम्भेश्वर महादेव मंदिर इन्हीं में से एक है। यहां पहुंचने का रास्ता और खुद मंदिर दिन में कुछ समय के लिए पूरी तरह नजरों से ओझल हो जाते हैं, और यह दृश्य पहली बार आने वालों को हैरत में डाल देता है।

कहां स्थित है यह मंदिर

स्तम्भेश्वर महादेव मंदिर गुजरात के भरूच जिले के पास अरब सागर और खंभात की खाड़ी के तट पर बना हुआ है। यह मंदिर समुद्र के बिल्कुल किनारे स्थित है, जिसके चलते इसका संबंध सीधे समुद्र की लहरों से जुड़ा हुआ है।

कैसे गायब होती है मंदिर तक जाने वाली सड़क

इस मंदिर की सबसे खास बात ज्वार-भाटा से जुड़ी है। जब ज्वार (हाई टाइड) आता है तो समुद्र का पानी मंदिर और उससे जुड़े रास्ते को पूरी तरह ढक लेता है। उस वक्त ऐसा प्रतीत होता है मानो मंदिर और सड़क दोनों समुद्र में समा गए हों। कुछ घंटों बाद जब भाटा (लो टाइड) आता है तो पानी पीछे लौट जाता है और मंदिर फिर से दिखाई देने लगता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ज्वार-भाटा के समय के साथ बदलता रहता है। कई बार पानी इतना बढ़ जाता है कि मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह दिखना बंद हो जाती है।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह

यही वजह है कि यहां आने वाले भक्तों को पहले ज्वार-भाटा का समय जान लेने की सलाह दी जाती है। सही समय पर पहुंचने वाले लोग आसानी से दर्शन कर पाते हैं, जबकि गलत समय पर पहुंचने पर उन्हें पानी उतरने तक इंतजार करना पड़ सकता है।

धार्मिक मान्यता और महत्व

इस मंदिर से जुड़ी मान्यताएं भी खासी प्रसिद्ध हैं। कहा जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग हजारों साल पुराना है और इसका उल्लेख पौराणिक कथाओं में भी मिलता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां भगवान शिव के दर्शन से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि और सावन के मौके पर यहां बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं।

प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम

स्तम्भेश्वर महादेव मंदिर को प्रकृति और श्रद्धा का अद्भुत मेल माना जाता है। एक ओर समुद्र की लहरें मंदिर को अपने भीतर समेट लेती हैं, तो दूसरी ओर पानी हटते ही मंदिर दोबारा लोगों के सामने प्रकट हो जाता है। यही दुर्लभ नजारा इसे देश के सबसे दिलचस्प और रहस्यमयी धार्मिक स्थलों की कतार में खड़ा करता है। जो भी यहां पहुंचता है, वह इस अनूठे दृश्य को लंबे समय तक नहीं भूल पाता।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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