हिमसागर आम की खेती से सीतामढ़ी के किसान कर रहे जबरदस्त कमाई, हर साल मिलता है निश्चित मुनाफा भारत एक घंटा पहले 3
सीतामढ़ी के पुपरी में किसान पारंपरिक खेती छोड़कर हिमसागर आम की बागवानी से बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। बिना किसी अंतराल के हर साल फलने वाला यह रेशा रहित आम स्वाद में मालदा और बम्बई से भी आगे माना जा रहा है।

सीतामढ़ी जिले के किसान अब पारंपरिक फसलों से हटकर आम की बागवानी में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। जिले के पुपरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इलाकों में इन दिनों हिमसागर प्रजाति का आम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अपनी भीनी खुशबू, रसीले स्वाद और पूरी तरह रेशा रहित गूदे की वजह से इस आम ने स्थानीय बाजार में अलग और मजबूत पहचान बना ली है।

क्षेत्र के प्रगतिशील किसान पप्पू ठाकुर पिछले कुछ समय से करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर हिमसागर आम का बगीचा सफलतापूर्वक तैयार कर रहे हैं। उनकी इस कामयाबी को देखकर आसपास के दूसरे किसान भी अब इस खास किस्म के पौधे लगाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

हर सीजन में पक्की आमदनी

हिमसागर आम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह हर साल फल देता है। मालदा और बम्बई जैसी मशहूर किस्में आमतौर पर एक साल के अंतराल पर फलती हैं, जिसे किसान ऑफ-ईयर और ऑन-ईयर कहकर पुकारते हैं। लेकिन हिमसागर के साथ ऐसा नहीं होता।

दसहरी और अम्रपाली की तरह ही हिमसागर के पेड़ों पर भी हर वर्ष नियमित रूप से बंपर फल आते हैं। लगातार उत्पादन होने के कारण किसानों को हर सीजन में निश्चित आमदनी मिलती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। पौधा लगाने के महज पांच साल के भीतर ही यह फल देना शुरू कर देता है, जो व्यावसायिक नजरिए से किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है।

दिखने में बम्बई जैसा, स्वाद में सबसे आगे

स्वाद और रूप दोनों ही दृष्टि से यह आम बेहद अनूठा है। देखने में यह बम्बई आम जैसा लगता है, मगर इसका गूदा अंदर से गहरा और लाल होता है। स्थानीय किसानों का दावा है कि खाने में यह मालदा और बम्बई की तुलना में सौ गुना बेहतर, अत्यधिक मीठा और स्वादिष्ट है।

इसके फल का आकार भी काफी अच्छा होता है। लगभग एक किलोग्राम वजन में चार से पांच आम आते हैं, यानी एक आम का आकार इतना पर्याप्त होता है कि कोई एक व्यक्ति इसे खा ले तो उसका मन पूरी तरह तृप्त हो जाए। स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है।

कहां से मिलेंगे हिमसागर के पौधे

किसानों का मुनाफा और बढ़ाने के लिए अब इसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर इस आम की ग्राफ्टिंग यानी कलम तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। किसान पप्पू ठाकुर के मुताबिक, जो भी लोग इस बेहतरीन प्रजाति की बागवानी करना चाहते हैं, उनके लिए उनके यहां हिमसागर के उन्नत पौधे आसानी से उपलब्ध हैं।

इस तरह पुपरी में हिमसागर आम न सिर्फ अपनी मिठास से लोगों का दिल जीत रहा है, बल्कि नियमित और बेहतर उत्पादन के जरिए किसानों के जीवन में समृद्धि की नई मिठास भी घोल रहा है। कृषि क्षेत्र में किए जा रहे इस तरह के आत्मनिर्भर प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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