उत्तर प्रदेश
3 घंटे पहले
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मुख्यमंत्री से मिली SIT
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले की जांच में तेजी आ गई है। रविवार को विशेष जांच टीम SIT ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की और मामले से जुड़ी अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है। इस जांच दल ने पिछले 6 दिनों के भीतर 60 घंटे से अधिक समय तक बारीकी से पड़ताल की और अब तक 150 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा चुकी है।
दान की राशि में आई बड़ी गिरावट
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद राम भक्तों के मन में संशय की स्थिति पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर मंदिर में मिलने वाले दान पर पड़ा है। पहले सामान्य दिनों में दान पेटियों से रोजाना 8 से 12 लाख रुपये तक प्राप्त होते थे, लेकिन पिछले 5 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह राशि घटकर मात्र 85 हजार से 95 हजार रुपये रह गई है। हालांकि, मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है, जिससे स्पष्ट है कि श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार है, लेकिन मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन पर भरोसा जरूर डगमगाया है।
दान पेटी प्रबंधन और सुरक्षा
वर्तमान में राम मंदिर परिसर के भीतर कुल 35 दान पेटियां स्थापित हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन पेटियों को दिन में दो बार खोला जाता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के प्रतिनिधि और बैंक के 4 कर्मचारी मौजूद रहते हैं। गिनती का कार्य दो शिफ्टों में संपन्न होता है, जिसमें सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक काम होता है। हर शिफ्ट में लगभग 20 लोग तैनात रहते हैं।
जांच का दायरा और संभावित कार्रवाई
राम मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित यात्री सुविधा केंद्र के तहखाने में चढ़ावे की गणना की जाती है। जांच के दौरान SIT ने मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की है, जिनका कार्यालय गणना कक्ष के पास ही स्थित है। कथित चोरी के इस मामले में अब तक की जांच में 25 ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं जिन पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के पदाधिकारियों और मामले में संदिग्ध कर्मियों के अयोध्या से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है।
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