उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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जांच पूरी कर रवाना हुई SIT
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच कर रही SIT की टीम ने अपना काम पूरा कर लिया है। तीन सदस्यों वाली यह टीम सोमवार से लगातार 60 घंटे तक मंदिर परिसर में पड़ताल में जुटी थी। सूत्रों के मुताबिक, यह टीम अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द ही CM योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी।
सख्त कार्रवाई का संकल्प
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर देशभर में भक्तों के बीच काफी नाराजगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की मंशा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की है, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो।
इन लोगों से हुई पूछताछ
SIT ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण लोगों के बयान दर्ज किए हैं और रिकॉर्ड खंगाले हैं। पूछताछ के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai और सदस्य Dr. Anil Mishra से विस्तृत पूछताछ की गई।
- इसके अलावा Gopal Rao, Tinnu Yadav, LavKush Mishra और Anukalp Mishra से भी सवाल-जवाब किए गए।
- मंदिर प्रबंधन, बैंक के कर्मचारी और चढ़ावे की गिनती में शामिल स्टाफ के रिकॉर्ड की गहन जांच की गई।
- जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है और SIT को सोने-चांदी के रिकॉर्ड में भी कमियां मिली हैं, जिसके बाद प्रबंधन में बड़े बदलाव की संभावना है।
SIT की जांच का दायरा
Lucknow के कमिश्नर Vijay Vishwas Pant, Lucknow रेंज के IG Kiran S और वित्त विभाग के विशेष सचिव Neel Ratan Kumar की टीम ने बारीकी से पड़ताल की है। टीम ने निम्नलिखित पहलुओं की जांच की:
- मंदिर परिसर में मौजूद दान पात्र और CCTV फुटेज की पड़ताल।
- काउंटिंग सेंटर की कार्यप्रणाली और दान के पैसे के बैंक तक पहुंचने की प्रक्रिया।
- श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहनों, सिक्कों और मुकुटों के हिसाब-किताब का मिलान।
प्रमुख जिम्मेदारियां और प्रबंधन
जांच के दौरान ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर खास ध्यान दिया गया है:
- Champat Rai (महासचिव): दान का मुख्य प्रबंधन और कर्मचारियों की नियुक्ति।
- Dr. Anil Mishra (संस्थापक सदस्य): निर्माण कार्यों की निगरानी और दान संबंधी व्यवस्था।
- Ramshankar Yadav उर्फ Tinnu: दान राशि की गिनती से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी।
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