महाराष्ट्र
एक घंटा पहले
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महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक के बीच, शिवसेना अपना 60वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर पार्टी के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुट – मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) – अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। दोनों गुटों के लिए यह मौका अपनी ताकत और एकजुटता दिखाने का है, लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों के अगले कदम की है।
शिंदे गुट का स्थापना दिवस समारोह
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का स्थापना दिवस कार्यक्रम गोरेगांव के नेस्को सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह शाम 6 बजे शुरू होगा। इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि पार्टी के सभी प्रमुख सांसद और विधायक इस मौके पर मौजूद रहेंगे, जो गुट की मजबूती का प्रदर्शन करेंगे।
उद्धव ठाकरे यूबीटी गुट का कार्यक्रम
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) अपना स्थापना दिवस सायन-माटुंगा स्थित षणमुखानंद हॉल में मना रही है। यह कार्यक्रम शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जहां उद्धव ठाकरे अपने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए भाषण देंगे। ऐसी संभावना है कि अपने संबोधन में वे बागी नेताओं पर तीखा हमला बोल सकते हैं।
6 बागी सांसदों पर सबकी नज़र
आज के कार्यक्रमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए 6 सांसदों का भविष्य है। सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों के शिंदे शिवसेना में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा आज स्थापना दिवस के मंच से हो सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस बारे में अभी तक कोई पुष्टि नहीं की गई है।
4 साल में दूसरी बड़ी बगावत
यह पिछले 4 सालों में शिवसेना में हुई दूसरी बड़ी टूट है। इससे पहले, जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना से अलग गुट बना लिया था। पहले ऐसी उम्मीद थी कि ये बागी सांसद स्थापना दिवस के दिन ही शिंदे गुट में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं, लेकिन उद्धव गुट के कड़े रुख के बाद अब इसकी संभावना कम दिख रही है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी में यूबीटी
शिवसेना (यूबीटी) ने बागी सांसदों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। गुरुवार को हुई पार्टी की बैठक में इन बागी सांसदों के शामिल न होने के बाद उद्धव गुट अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का मन बना रहा है। पार्टी ने सभी 6 बागी सांसदों को नोटिस जारी कर 7 दिन के अंदर जवाब मांगा है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि नोटिस का जवाब नहीं मिलता है, तो बागी सांसदों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
बागी सांसदों के आरोप
बताया जा रहा है कि एक दिन पहले इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को एक पत्र सौंपा था, जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे से अलग होने के कारण बताए। उनका दावा है कि ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता शिवसेना का कांग्रेस में विलय करना चाहते थे। बागी सांसदों ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने अपनी मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है, और वे पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए अलग हो रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि ये बागी सांसद शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष से अलग गुट की मान्यता की मांग
सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्ताक्षरित पत्र सौंपे हैं। इन पत्रों में सांसदों ने लोकसभा में उन्हें एक अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने संसद में अपने लिए अलग बैठने की व्यवस्था (सिटिंग अरेंजमेंट) का भी अनुरोध किया है।
जयपुर पहुंचे बागी सांसद, शिंदे से मिलाएंगे हाथ
ऐसी खबर है कि ये सभी बागी सांसद 22 जून को एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिंदे गुट, बागी सांसदों के मन बदलने की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। सूत्रों की मानें तो सभी 6 बागी सांसदों को दिल्ली से जयपुर शिफ्ट कर दिया गया है।
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