सुक्खू सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, विधायक अब डाल सकेंगे नगर निकाय अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में वोट; हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक हिमाचल प्रदेश एक महीने पहले 34
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए सुक्खू सरकार को राहत दी है, जिससे अब विधायक नगर निकायों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में मतदान कर सकेंगे।

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के विधायक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के चुनाव में अपना मत डाल सकेंगे।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायकों को मतदान का अधिकार दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्याकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हिमाचल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के 4 जून के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा था

हिमाचल हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि विधायक स्थानीय निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे शीर्ष पदों के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते। अदालत के अनुसार इन पदों के चुनाव में केवल निर्वाचित पार्षद ही वोट डाल सकते हैं। हाईकोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।

चुनावी समीकरणों पर असर

सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद के चुनाव में विधायकों के वोट का सीधा असर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इन वोटों से चुनावी बाजी भी पलट सकती है।

हाल ही में हुए थे निकाय चुनाव

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बीते माह मई में स्थानीय निकाय चुनाव हुए थे। इन चुनावों में नगर निगम, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भाजपा ने कांग्रेस को मात दी थी। जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने 8 जिलों में कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को एक भी जिले में बहुमत नहीं मिल सका।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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