हिमाचल प्रदेश
6 घंटे पहले
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वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण पर गरमाई राजनीति
हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रह चुके दिवंगत कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। रामपुर बुशहर के सराहन स्थित प्रसिद्ध माता भीमा काली मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के शामिल न होने पर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुटकी ली है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर गुटबाजी पूरी तरह हावी हो चुकी है और मुख्यमंत्री ने जानबूझकर इस आयोजन से दूरी बनाई। इस राजनीतिक घमासान के बीच बुधवार, 21 अक्तूबर 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मीडिया के सामने आकर भाजपा के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
'कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं, भाजपा खुद पांच गुटों में बंटी': मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि सराहन में पार्टी के सर्वमान्य नेता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम पूरी निष्ठा के साथ संपन्न हुआ है। उन्होंने कांग्रेस के भीतर किसी भी तरह की खींचतान या गुटबाजी की बात से साफ इनकार किया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले जब राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर वीरभद्र सिंह जी की मूर्ति का अनावरण किया गया था, तब सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और वे स्वयं वहां मौजूद थे। उस मुख्य आयोजन में पूरी कांग्रेस पार्टी एक साथ खड़ी नजर आई थी।
भाजपा पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल अपनी अंतरकलह को छुपाने के लिए बेबुनियाद बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर स्वयं अपनी पार्टी के भीतर चल रही भीषण गुटबाजी में उलझे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा समय में हिमाचल प्रदेश भाजपा पाँच गुटों में बुरी तरह बंटी हुई है। भाजपा के नेता ही सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे का नाम लेकर अपनी पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें कांग्रेस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
हर्ष महाजन के बयान पर सुक्खू का तंज
भाजपा की ओर से आ रहे बयानों और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के रुख पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने लंबे राजनीतिक सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन राजनीति में उनसे काफी बाद में आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्ष महाजन से बहुत पहले वे स्वयं NSUI के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके थे और उन्होंने संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर पार्टी सेवा की है।
'गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रही भाजपा': विक्रमादित्य सिंह
उधर, दिवंगत वीरभद्र सिंह के पुत्र और राज्य सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी भाजपा के गुटबाजी संबंधी दावों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा बिना किसी वजह के गैर-जिम्मेदाराना बातें कर रही है। सराहन में आयोजित कार्यक्रम एक जिला स्तरीय आयोजन था, जिसमें सभी वरिष्ठ नेताओं को सादर आमंत्रित किया गया था। जो नेता अपनी सुविधानुसार समय निकाल सकते थे, वे इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि सराहन स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली है। वहां के स्थानीय लोगों की यह दिली इच्छा थी कि इस पावन स्थल पर उनकी एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे भावनात्मक और स्थानीय कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देना और इसे पार्टी की गुटबाजी से जोड़ना भाजपा की छोटी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की संकीर्ण मानसिकता किसी की नहीं होनी चाहिए और इस विषय को बेवजह तूल देना पूरी तरह से गलत है। विक्रमादित्य सिंह ने भी दोहराया कि मुख्य प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम शिमला के रिज मैदान पर पहले ही भव्य रूप से आयोजित किया जा चुका है, जिसमें सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के तमाम शीर्ष नेता शामिल हुए थे।
सराहन कार्यक्रम और उसमें जुटी नेताओं की मौजूदगी
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की स्मृति में शिमला जिले के रामपुर बुशहर स्थित सराहन के प्रसिद्ध माता भीमा काली मंदिर परिसर में 18 अक्तूबर को प्रतिमा का अनावरण किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्य के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर और विधायक रघुबीर सिंह बाली सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की थी। सराहन में कांग्रेस के एक विशेष धड़े की मौजूदगी और मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि विक्रमादित्य सिंह ने इसके जरिए अपना शक्ति प्रदर्शन किया है और सुक्खू गुट ने इस आयोजन से दूरी बनाई, जिसे लेकर अब मुख्यमंत्री और मंत्री दोनों ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
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