संभल: कसेरुआ में अवैध मस्जिद पर ध्वस्तीकरण के दौरान बरामद हुए 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर, FIR दर्ज उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 27
यूपी के संभल के कसेरुआ गांव में कब्रिस्तान की सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को गिराने के दौरान 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिली। पुलिस ने जामिया कमेटी के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में एक मस्जिद परिसर से 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर और कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मामला नखासा थाना क्षेत्र के कसेरुआ गांव का है, जहां कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर मस्जिद मुस्तफा कादरी खड़ी कर दी गई थी। इसी अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और उसी दौरान परिसर के भीतर से ये पोस्टर तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली।

जामिया कमेटी के सदस्यों पर मुकदमा

संभल के एएसपी कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके से 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

कसेरुआ गांव में अवैध कब्जे हटाने का अभियान चल रहा था। इसी दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। इस मामले में जामिया कमेटी के सदस्यों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

1200 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बना ढांचा गिराया गया

कसेरुआ गांव में करीब 1200 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बनी इस मस्जिद को पूरी तरह जमींदोज किया गया। कार्रवाई के दौरान पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया और चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा पीएसी के जवानों को तैनात किया गया। तहसीलदार कोर्ट से बेदखली का आदेश मिलने के बाद ही पुलिस ने यह कदम उठाया।

कब्रिस्तान की भूमि पर हुआ था निर्माण

राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 409 को कब्रिस्तान की भूमि के रूप में दर्ज किया गया है। इस मामले में जनवरी, 2026 में ही 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी। ध्वस्तीकरण से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए थे।

मस्जिद का शेष हिस्सा भी ढहाया गया

नखासा थाना क्षेत्र के कसेरुआ गांव में रविवार को भी बुलडोजर की कार्रवाई जारी रही। सरकारी जमीन पर हुए निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रशासन ने मस्जिद मुस्तफा कादरी के बचे हुए हिस्से को भी गिरा दिया। शनिवार को शुरू हुई यह कार्रवाई दूसरे दिन फिर आगे बढ़ी, जब प्रशासनिक टीम दोबारा मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से शेष ढांचे को पूरी तरह हटा दिया।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

कसेरुआ गांव सुबह से ही पुलिस छावनी में बदला नजर आया। गांव के भीतर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे, जबकि पीएसी के जवानों ने भी सुरक्षा मोर्चा संभाले रखा। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा।

55 फीट ऊंची मीनार गिराई गई

शनिवार को सबसे पहले मस्जिद के अगले हिस्से, बाहरी ढांचे, पिलरों और करीब 55 फीट ऊंची मीनार को गिराया गया था। इसके बाद बची हुई संरचना को हटाने के लिए रविवार को फिर अभियान चलाया गया। कई घंटे चली कार्रवाई के बाद विवादित निर्माण को लगभग पूरी तरह हटा दिया गया।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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