बिहार
एक घंटा पहले
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समस्तीपुर के युवा क्रिकेट खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी इन दिनों पूरे देश में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी दो तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जो लोगों को उनके जीवन के उस शुरुआती दौर में ले जाती हैं, जब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह नन्हा बच्चा कभी भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बनेगा। इन तस्वीरों में चाचा का स्नेह और वैभव का भोलापन साफ झलकता है।
15 महीने की वह मासूम तस्वीर
वायरल हो रही पहली तस्वीर उस समय की है, जब वैभव सिर्फ 15 महीने के थे। इसमें उनके चाचा राजीव सूर्यवंशी उन्हें गोद में लिए कैमरे की ओर देख रहे हैं। बच्चे के चेहरे पर वही मासूम मुस्कान है, जिसने आज भी करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत रखा है। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि चाचा की गोद में मुस्कुराता यह बच्चा एक दिन इतना बड़ा नाम बन जाएगा।
रणजी से मिली पहली बड़ी पहचान
परिवार ने उनका नाम वैभव रखा और वक्त के साथ उन्होंने इस नाम का अर्थ भी सही साबित कर दिखाया। मैदान पर उनका सफर धीरे-धीरे आगे बढ़ा और पहली बड़ी कामयाबी तब मिली, जब उनका चयन रणजी टीम में हुआ। कम उम्र में रणजी क्रिकेट तक पहुंचना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, लेकिन वैभव ने वहां अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया और यही प्रदर्शन उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ।
आईपीएल में रचा इतिहास
रणजी में दमदार खेल के बाद वैभव को आईपीएल नीलामी में शामिल किया गया। यहां सबसे कम उम्र में ऊंची कीमत पाने वाले खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाकर उन्होंने इतिहास रच दिया। इसके बाद आईपीएल 2026 में उनके बल्ले ने ऐसा जलवा दिखाया कि पूरा क्रिकेट जगत हैरान रह गया। उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं और अपने आक्रामक खेल से करोड़ों प्रशंसक बना लिए। उनकी बल्लेबाजी की चर्चा सिर्फ बिहार या समस्तीपुर तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के कोने-कोने में लोग उनके खेल की तारीफ करने लगे।
भारतीय टी-20 टीम तक का सफर
आईपीएल के बेहतरीन प्रदर्शन का इनाम भी उन्हें जल्द मिल गया। वैभव इन दिनों इंडिया-ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं। वहां कदम रखते ही भारतीय टी-20 टीम में उनके चयन की खबर सामने आ गई। यह उपलब्धि किसी भी युवा क्रिकेटर का सपना होती है। अब क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि जिस तरह वैभव ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी छाप छोड़ी है, उसी तरह वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का नाम रोशन करेंगे।
दो तस्वीरें, एक पूरी कहानी
आज जब 15 महीने की उम्र वाली तस्वीर और 15 साल की उम्र वाली तस्वीर को साथ रखकर देखा जाता है, तो ये सिर्फ दो तस्वीरें नहीं लगतीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और सफलता की पूरी दास्तान नजर आती है। पहली तस्वीर में चाचा की गोद में बैठा मासूम बच्चा दिखता है, जबकि दूसरी में वही बच्चा भारतीय क्रिकेट का नया चेहरा बन चुका है। चाचा राजीव सूर्यवंशी की साझा की गई ये तस्वीरें लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन्होंने यह साबित कर दिया है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती, बस उन्हें पूरा करने का जुनून होना चाहिए।
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