सहारनपुर में पीएम सूर्य घर योजना से रोज़ 1,67,895 यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन, जानिए पूरा हिसाब उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
सहारनपुर जनपद पीएम सूर्य घर योजना का लाभ उठाने में पश्चिमी क्षेत्र में पहले स्थान पर है, जहां अब तक 10,412 लोगों ने ऑनग्रिड सोलर पैनल लगवाकर हर दिन करीब 34 मेगावॉट बिजली बनानी शुरू कर दी है।

केंद्र सरकार की अहम योजनाओं में शामिल पीएम सूर्य घर योजना का लाभ उठाने के मामले में सहारनपुर जनपद एक बार फिर पश्चिमी क्षेत्र में पहले पायदान पर है। यहां के लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए इस योजना का सबसे अधिक फायदा उठाया है और सोलर पैनल के ज़रिए बिजली उत्पादन में तेज़ी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े हैं। बढ़ती बिजली दरों और अघोषित कटौती के बीच सोलर पैनल की मांग में लगातार उछाल देखा जा रहा है। जनपद में अब तक 10,412 लोग इस योजना के तहत ऑनग्रिड सोलर पैनल लगवा चुके हैं।

हर दिन 1,67,895 यूनिट बिजली का उत्पादन

योजना के चलते जनपद में हर दिन करीब 34 मेगावॉट बिजली तैयार हो रही है। योजना के तहत एक किलोवॉट से लेकर दस किलोवॉट तक के पैनल लगवाए जा सकते हैं। जनपद में सोलर पैनल का औसत 3.25 किलोवॉट के कनेक्शन का है। इस लिहाज़ से हर दिन 34,579 किलोवॉट यानी तकरीबन 34 मेगावॉट बिजली बन रही है। यदि पांच यूनिट का औसत भी मान लिया जाए, तो हर दिन 1,67,895 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

रोज़ाना करीब 3.5 करोड़ रुपये की बिजली

सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से यह बिजली 11.75 लाख रुपये की बैठती है। यानी जिले में तकरीबन हर दिन इतने लाख रुपये की बिजली बन रही है। महीने के 30 दिन के आधार पर देखें तो यह आंकड़ा 3.52 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। इस तरह हर रोज़ करीब 3.5 करोड़ रुपये की बिजली का उत्पादन हो रहा है।

45 हज़ार सोलर प्लांट का लक्ष्य

यूपी नीडा के परियोजना अधिकारी आरबी वर्मा ने बताया कि राज्य में 45000 सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य मिला है और यह योजना लोगों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने बताया कि अब तक पोर्टल पर 24,964 लोगों ने आवेदन किया है, जिनमें से 24,336 लोगों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। छह जून तक जनपद में 10,412 लोगों के घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।

इन पैनलों से बनने वाली बिजली ऑनग्रिड मीटर के ज़रिए विद्युत निगम को प्राप्त होती है। महीने के अंत में उपभोक्ता का बिल बनते समय पूरे महीने में बनी यूनिट और खर्च हुई यूनिट के अंतर के आधार पर बिल तैयार किया जाता है।

कितनी मिलती है सब्सिडी

इस योजना में लाभार्थियों को 45 हज़ार से लेकर 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है, जिसके चलते आम लोगों के लिए सोलर पैनल लगवाना और भी आसान हो गया है।

गर्मी बढ़ी तो बढ़ी सोलर पैनल की मांग

गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में सोलर पैनल लगवाने की रफ़्तार तेज़ हो गई। अगस्त 2025 से मई 2026 तक के विभागीय माहवार आंकड़ों से स्थिति और साफ़ हो जाती है।

  • अगस्त में 334 लोगों ने पैनल लगवाए
  • सितंबर में 507
  • अक्तूबर में 437
  • नवंबर में 544
  • दिसंबर में 618
  • जनवरी में 709
  • फरवरी में 773
  • मार्च में 1187
  • अप्रैल में 1187
  • मई में 1476 लोगों ने सोलर पैनल लगवाए

इन आंकड़ों से साफ़ है कि तापमान चढ़ने के साथ-साथ हर महीने सोलर पैनल लगवाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होती गई।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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