सागर में NH-44 की बदलेगी तस्वीर: 25 ओवरब्रिज और अंडरपास से खत्म होंगे ब्लैक स्पॉट मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 2
मध्य प्रदेश के सागर जिले से गुजरने वाले NH-44 पर सड़क हादसों को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। 215 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 25 ओवरब्रिज और अंडरपास से यात्रियों का सफर अब तेज और सुरक्षित होगा।

सागर में सुरक्षित होगा सफर

देश के सबसे लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश के सागर जिले से होकर गुजरता है। करीब 160 किलोमीटर लंबा यह मार्ग न केवल अंतर्राज्यीय परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जिले के सैकड़ों गांवों की जीवनरेखा भी है। हालांकि, भारी ट्रैफिक और ग्रामीणों की आवाजाही के कारण यह सड़क पिछले कुछ समय में दुर्घटनाओं का केंद्र बन गई थी। अब इसे सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से एक विशेष परियोजना पर काम किया जा रहा है।

ब्लैक स्पॉट से डेथ स्पॉट तक का सफर

सागर जिले का यह हाईवे झांसी-ललितपुर से प्रवेश करते हुए देवरी क्षेत्र से गुजरता है। इस मार्ग पर गांवों के लोग अपनी दैनिक जरूरतों के लिए सीधे हाईवे पर आ जाते थे, जिससे यह रास्ता हादसों का हॉटस्पॉट बन गया था। कई जगह स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें ब्लैक स्पॉट और डेथ स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया था। लगातार होती दुर्घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन को सड़क सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।

215 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण

सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कुल 25 ओवरब्रिज और अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 215 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वर्तमान में इनमें से 14 स्थानों पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इन संरचनाओं के बनने से ग्रामीण आबादी को हाईवे के सीधे संपर्क में नहीं आना पड़ेगा, जिससे सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो सकेंगे।

प्रमुख स्थान जहां बन रहे हैं ब्रिज

इस परियोजना के तहत जिन प्रमुख जंक्शनों को सुरक्षित बनाया जा रहा है, उनमें निम्नलिखित स्थान शामिल हैं:

  • बरोदिया कलां
  • झीकनी घाटी
  • मोठी फाटक
  • बाछलोन और बम्हौरी चौराहा
  • बिलहरा तिराहा
  • सुरखी और गौरझामर के विभिन्न बिंदु
  • देवरी-रहली मार्ग और देवरी के विभिन्न एंड पॉइंट्स
  • महाराजपुर

तकनीकी खामियों पर उठ रहे सवाल

परियोजना के लाभों के साथ-साथ कुछ तकनीकी चुनौतियों की ओर भी स्थानीय लोग इशारा कर रहे हैं। बम्हौरी क्षेत्र में सर्विस रोड का अभाव और अंडरपास पर 90 डिग्री का तीखा मोड़ चिंता का विषय बना हुआ है। वहीं, बरोदिया में फोरलेन के ऊपर ब्रिज की डिजाइन को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों की मांग है कि निर्माण कार्य के दौरान इन खामियों को दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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