उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
अयोध्या के लिए सपा का बड़ा ऐलान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली अयोध्या विधानसभा सीट को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में अयोध्या से पवन पांडे ही समाजवादी पार्टी का चेहरा होंगे। लखनऊ में आयोजित पार्टी के एक विशेष ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान अखिलेश यादव ने इस निर्णय की घोषणा की। यह घोषणा आगामी चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी की ओर से उठाया गया पहला बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जीत का भरोसा और अखिलेश की तारीफ
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने पवन पांडे की जमकर तारीफ की। उन्होंने भरोसा जताया कि पवन पांडे एक बार फिर अयोध्या की सीट पर समाजवादी पार्टी का परचम लहराएंगे। अखिलेश ने कहा कि पवन पांडे पहले भी यहां से चुनाव जीतते रहे हैं और पार्टी को पूरी उम्मीद है कि वह अगले चुनाव में भी शानदार जीत दर्ज करेंगे। इस घोषणा के बाद यह तय हो गया है कि 2027 में उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित चुनावी मुकाबलों में से एक अयोध्या में देखने को मिलेगा, जिसके केंद्र में पवन पांडे होंगे।
राजनीतिक सफर और पवन पांडे की पहचान
सपा के इस नेता का वास्तविक नाम तेज नारायण पांडे है, जिन्हें प्रदेश की राजनीति में पवन पांडे के नाम से जाना जाता है। वे पिछले करीब 30 वर्षों से समाजवादी विचारधारा के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं। पवन पांडे के राजनीतिक करियर की शुरुआत 1998 में छात्र राजनीति से हुई थी। उन्होंने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सानिध्य में पार्टी का काम संभाला और 1999 से ही अखिलेश यादव के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने संगठन के भीतर कई अहम जिम्मेदारियां भी निभाई हैं। उनकी पहचान एक ऐसे नेता की है जो बेहद मुखर हैं और ज़मीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव रखते हैं।
छात्र राजनीति से सत्ता तक का सफर
साल 2004 में पवन पांडे लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष पद पर चुने गए थे। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने कई आंदोलनों की अगुवाई की। वर्ष 2007 में छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर किए गए एक आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, जिसने उन्हें एक संघर्षशील युवा नेता के रूप में स्थापित किया।
2012 में दी थी बड़ी जीत
पवन पांडे तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए जब उन्होंने 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और तत्कालीन मंत्री लल्लू सिंह को मात दी थी। उस समय की इस जीत को चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर माना गया था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच विधायक रहने के दौरान उन्होंने विधानसभा में शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, पेयजल और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे जोर-शोर से उठाए थे। वे सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं। अयोध्या जिले में अयोध्या विधानसभा सीट के अलावा मिल्कीपुर, बीकापुर, रुदौली और दरियाबाद जैसी सीटें शामिल हैं।
ब्राह्मण सम्मेलन के जरिए संदेश
समाजवादी पार्टी राज्य में ब्राह्मण समाज को साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। अखिलेश यादव ने सपा के संस्थापक सदस्य रहे जनेश्वर मिश्र की जयंती पर लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान पवन पांडे के नाम का एलान करके एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है।
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