आरएसएस का नया जनरेशन-जी प्लान: विशाखापत्तनम में बनेगी युवाओं को साधने की डिजिटल रणनीति राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 5
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब डिजिटल युग की युवा पीढ़ी यानी जनरेशन-जी के साथ जुड़ाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाली समन्वय बैठक में विशेष चर्चा होगी।

युवाओं के बीच पैठ जमाने की तैयारी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस ने अब नई पीढ़ी के बीच अपनी पैठ को और अधिक गहरा करने के लिए ठोस रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। संघ का पूरा ध्यान इस समय डिजिटल दुनिया में सक्रिय और सोशल मीडिया पर छाए रहने वाले जनरेशन-जी यानी आज के युवाओं पर केंद्रित है। इस युवा वर्ग को संघ की विचारधारा और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए एक खास ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 19 अगस्त से 21 अगस्त के बीच विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाली अखिल भारतीय समन्वय बैठक में मंथन किया जाएगा।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में होगा मंथन

विशाखापत्तनम में होने वाली यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले 32 संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता संघ प्रमुख मोहन भागवत करेंगे और उनके साथ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जैसे प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल विभिन्न संगठनों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाना है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना भी है।

युवाओं को जोड़ने के लिए डिजिटल अभियान

सूत्रों के अनुसार, बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण आज के युवाओं तक पहुंचने का रास्ता खोजना होगा। सवाल यह है कि डिजिटल युग की इस पीढ़ी को संघ परिवार के संगठनात्मक कार्यों से किस प्रकार जोड़ा जाए। इसके लिए सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कैसे अधिक रचनात्मक और प्रभावशाली बनाया जाए, इस पर विशेष चर्चा की जाएगी। संघ का लक्ष्य युवाओं पर केंद्रित कार्यक्रमों को अधिक आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देना है। इसके अलावा, अलग-अलग संगठनों को विशेष अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपने पर भी विचार किया जा सकता है।

एबीवीपी की भूमिका पर रहेगा जोर

जनरेशन-जी को आकर्षित करने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को एक प्रमुख जरिया माना जा रहा है। संघ अपनी इस इकाई की भूमिका को और अधिक विस्तार देने की योजना बना रहा है। शिक्षा, रोजगार के अवसर, युवाओं में नशा मुक्ति, राष्ट्र निर्माण और युवा जागरण जैसे संवेदनशील विषयों को उठाकर युवाओं के बीच एक बड़ा अभियान चलाया जा सकता है। हाल ही में रांची में हुए युवा कार्यक्रम को इस दिशा में एक सफल प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है, जिसे आगे भी दोहराया जा सकता है।

बीजेपी के साथ संगठनात्मक चर्चा

विशाखापत्तनम की इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े संगठनात्मक विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श होगा। कई राज्यों में लंबे समय से रिक्त चल रहे संगठन मंत्रियों के पदों को भरना और संगठन का विस्तार करना प्राथमिकताओं में शामिल है। इस संदर्भ में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ बातचीत करके भविष्य का रास्ता तय किया जा सकता है। राज्यों के स्तर पर जिम्मेदारियों का बंटवारा और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के तरीकों पर संघ के पदाधिकारी चर्चा करेंगे।

सिख समाज और कनाडा दौरे पर संवाद

बैठक में सिख समाज के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ करने के विषय को भी शामिल किया गया है। मोहन भागवत का प्रस्तावित कनाडा दौरा भी चर्चा में रह सकता है, जिसके चलते सिख संगठनों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करने और गलतफहमियों को दूर करने की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

नकारात्मक नैरेटिव का जवाब

अयोध्या से जुड़े हालिया विवादों और संघ परिवार के प्रति सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नकारात्मक धारणाओं का खंडन करना भी बैठक का एक अहम एजेंडा है। संघ की योजना है कि इस प्रकार के नकारात्मक नैरेटिव का प्रभावी तरीके से जवाब कैसे दिया जाए और संघ के वास्तविक सामाजिक कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जन-जन तक कैसे पहुंचाया जाए। बैठक में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि कैसे डिजिटल युग में संघ अपनी साख और सामाजिक कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों के सामने प्रस्तुत करे।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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