पश्चिम बंगाल
एक घंटा पहले
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विचारों
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की नई रणनीति
पश्चिम बंगाल की सियासत में अपनी खोई हुई जमीन तलाशने के लिए कांग्रेस ने अब पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है। चुनावी हार से सबक लेते हुए पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को नया रूप देने के लिए कवायद तेज कर दी है। पार्टी महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने हाल ही में कोलकाता का दो दिवसीय दौरा किया, जहां उन्होंने प्रदेश के नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूत वापसी करनी है, तो जमीनी स्तर पर सक्रिय होना ही एकमात्र विकल्प है।
जिला समितियों और नेताओं के साथ मंथन
अपनी यात्रा के दौरान, के. सी. वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों और जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों के साथ सिलसिलेवार बैठकें कीं। इन बैठकों में न केवल हालिया चुनाव परिणामों की समीक्षा की गई, बल्कि राज्य के वर्तमान राजनीतिक हालातों पर भी गहन चर्चा हुई। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही, जिनमें पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव गुलाम अहमद मीर, पार्टी महासचिव दीपा दासमुंशी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार और पार्टी सचिव अंबा प्रसाद शामिल थे। इन वरिष्ठ पदाधिकारियों ने राज्य इकाई की मौजूदा चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से राय साझा की।
बूथ और ब्लॉक स्तर पर मजबूती का लक्ष्य
बैठकों का मुख्य केंद्र बिंदु पार्टी को बूथ और ब्लॉक स्तर तक पुनर्जीवित करना था। वेणुगोपाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें अब सीधे जनता के बीच जाकर जनसंपर्क बढ़ाना होगा। आगामी विधानसभा उपचुनावों के साथ-साथ राज्य में होने वाले नगर पालिका और नगर निगम के चुनावों के लिए अभी से कमर कसने को कहा गया है। रणनीति के तहत, पार्टी ने बूथ स्तरीय समितियों को फिर से सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाने का निर्णय लिया है।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा
संगठनात्मक बदलाव के अलावा, कांग्रेस ने आने वाले कुछ बड़े कार्यक्रमों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी ने 21 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘शहीद मीनार चलो’ कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की है। पार्टी ने अपने सभी कैडर से आह्वान किया है कि वे इस कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुंचकर अपनी ताकत का प्रदर्शन करें। इसके अतिरिक्त, देशव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर भी प्रदेश इकाई को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। इस अभियान का समापन 9 अगस्त को नई दिल्ली में एक विशाल रैली के साथ होगा, जिसके लिए छात्रों और युवाओं को लामबंद करने का काम सौंपा गया है। कांग्रेस का यह ‘मिशन मोड’ स्पष्ट करता है कि पार्टी आने वाले समय में राज्य में अपनी सक्रियता को और अधिक आक्रामक बनाने के लिए तैयार है।
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