ऋषिकेश में आमों की बहार: दशहरी और चौसा की सबसे ज्यादा धूम, जानें कौन बिक रहा 1400 रुपये किलो उत्तराखंड एक दिन पहले 7
गर्मियों के साथ ऋषिकेश की मंडियों में दशहरी, लंगड़ा और चौसा समेत कई किस्मों के आम छाए हुए हैं, जबकि कस्तूरी और मिया जाकी जैसी खास किस्में 1300 से 1400 रुपये किलो तक बिक रही हैं।

गर्मी का मौसम दस्तक देते ही ऋषिकेश के बाजार आमों से सज जाते हैं। फलों का राजा कहलाने वाला आम अपने स्वाद के साथ-साथ अपनी विविध किस्मों की वजह से भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। इन दिनों शहर की फल मंडियों और नर्सरियों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अमरपाली, दिलपसंद और कस्तूरी जैसी किस्मों की खूब चर्चा है। हर किस्म का अपना अलग स्वाद, खुशबू और पहचान है, जिसके चलते ग्राहक अपनी रुचि के मुताबिक खरीदारी करते हैं। हालांकि मांग और बिक्री के मामले में कुछ किस्में बाकियों से आगे निकलती दिख रही हैं।

कौन-कौन सी किस्में हैं उपलब्ध

ऋषिकेश के गार्डनर नरेश के अनुसार यहां मुख्य रूप से दशहरी, लंगड़ा, अमरपाली, चौसा, दिलपसंद और कस्तूरी आम की किस्में बाजार में मौजूद हैं। इनमें दशहरी और लंगड़ा सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं, क्योंकि इनका स्वाद लोगों को खूब भाता है और ये सामान्य बजट में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। दशहरी अपनी मिठास और मुलायम गूदे के लिए मशहूर है, वहीं लंगड़ा का स्वाद थोड़ा अलग और खास होने के कारण इसके चाहने वालों की संख्या भी काफी बड़ी है।

रसीले चौसा की खास मांग

चौसा आम अपने रसीले गूदे और मीठे स्वाद की वजह से लोगों का दिल जीत लेता है। खासकर बच्चों और युवाओं के बीच इसकी मांग खूब देखने को मिलती है। बाजार में आते ही इसकी बिक्री तेजी से बढ़ जाती है और कई लोग तो पूरी गर्मी का इंतजार सिर्फ चौसा खाने के लिए करते हैं। यही कारण है कि ऋषिकेश में दशहरी और चौसा दोनों की मांग सबसे अधिक बताई जा रही है।

1400 रुपये किलो तक पहुंचती है कीमत

नरेश बताते हैं कि कस्तूरी और मिया जाकी जैसी कुछ विशेष किस्मों की कीमत काफी ऊंची रहती है। इनकी कीमत करीब 1300 से 1400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है। स्वाद और गुणवत्ता के कारण इन आमों की अपनी अलग पहचान है, लेकिन महंगी होने के चलते हर कोई इन्हें नहीं खरीद पाता। इसके उलट दशहरी और लंगड़ा आम लोगों की पहुंच में रहते हैं, इसलिए इनकी बिक्री सबसे ज्यादा होती है।

घरों में पौधे लगाने का बढ़ता शौक

आम खाने के साथ-साथ अब लोग अपने घरों और बगीचों में आम के पौधे लगाने में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। नरेश के मुताबिक लोग उपलब्ध जगह के अनुसार एक या दो पेड़ लगा लेते हैं। सही देखभाल और समय पर सिंचाई से ये पौधे कुछ वर्षों में फल देना शुरू कर देते हैं। घर में लगा आम का पेड़ न केवल हरियाली बढ़ाता है, बल्कि परिवार को ताजे और स्वादिष्ट आम भी उपलब्ध कराता है।

कब और कैसे लगाएं पौधा

आम के पौधे लगाने के लिए बरसात का मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहती है और पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं। गर्मियों में भी पौधे लगाए जा सकते हैं, लेकिन तब पानी की अधिक आवश्यकता पड़ती है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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