उपनाम: आम की किस्में
चौसा से जर्दालू तक बिहार के आमों का जलवा, क्या आप जानते हैं राज्य की इन खास किस्मों के बारे में?
बिहार अपनी विविध और स्वाद से भरी आम की किस्मों के लिए दुनियाभर में मशहूर है, जहां पटना के मालदह से लेकर भागलपुर के जर्दालू तक अपनी अलग पहचान रखते हैं।
ऋषिकेश में आमों की बहार: दशहरी और चौसा की सबसे ज्यादा धूम, जानें कौन बिक रहा 1400 रुपये किलो
गर्मियों के साथ ऋषिकेश की मंडियों में दशहरी, लंगड़ा और चौसा समेत कई किस्मों के आम छाए हुए हैं, जबकि कस्तूरी और मिया जाकी जैसी खास किस्में 1300 से 1400 रुपये किलो तक बिक रही हैं।
लक्ष्मण भोग आम: पतले छिलके और रसभरे गूदे की मनमोहक खुशबू ग्राहकों को खींच लाती है, बाजार में मचा रही धूम
सीधी के रामपुर नैकिन क्षेत्र में प्रकृति प्रेमी विनय सिंह के बगीचे में उगने वाला लक्ष्मण भोग आम अपने खट्टे-मीठे स्वाद, पतले छिलके और रेशारहित रसीले गूदे के कारण लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसकी मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बनी हुई है।
एक ही पेड़ पर 25 किस्म के आम, सीधी के किसान विपिन सिंह की मेहनत देख वैज्ञानिक भी दंग
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के विपिन सिंह ने ग्राफ्टिंग और क्रॉस ब्रीडिंग से एक ही पेड़ पर 25 किस्म के आम उगा दिए हैं। 75 डिसमिल जमीन पर तैयार उनके अनोखे बगीचे ने उन्हें इलाके में 'मैंगो मैन' की पहचान दिला दी है।
दशहरी के बाद बागों में पकती है 'डिंगा' किस्म, सहारनपुर का यह आम काटकर नहीं, चूसकर खाया जाता है
सहारनपुर के मैंगो बेल्ट में उगने वाली डिंगा किस्म को 'फ्रूटी मैंगो' कहा जाता है, क्योंकि इसे काटने की जरूरत नहीं पड़ती और इसे ऊपर से हल्का काटकर सीधे चूसकर खाया जाता है। यह आम दशहरी के बाद पेड़ पर ही पक जाता है।
'पेडा रसालु' आम: मिठाई जैसी मिठास और रस से लबालब, कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता से जानें इसकी खासियतें
बड़े आकार और बेहद रसीलेपन की वजह से 'पेडा रसालु' आम लोगों की पहली पसंद बन गया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के मुताबिक यह आम सीधे खाने, जूस और मिठाई बनाने में इस्तेमाल होता है और इसकी मुख्य खेती फिलहाल बिहार तथा झारखंड के कुछ जिलों में होती है।
मांग ऐसी कि 24 घंटे करनी पड़ती है रखवाली, जानें क्यों खास है कोडरमा का 63 साल पुराना आम बागान
कोडरमा के मसनोडीह गांव का 63 साल पुराना आम बागान इन दिनों खूब चर्चा में है, जहां एक दर्जन से ज्यादा किस्मों के पेड़ पर पके ताजे आम मिलते हैं। इनकी मांग झारखंड और बिहार से लेकर दिल्ली और अमेरिका तक पहुंच चुकी है।