दक्षिण कोरियाई हवाई क्षेत्र के पास चीन और रूस का सैन्य प्रदर्शन, 10 विमानों की हलचल विश्व एक महीने पहले 39
चीन और रूस के करीब 10 सैन्य विमानों ने दक्षिण कोरिया के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (KADIZ) में प्रवेश किया, जिसके बाद सोल ने तत्काल अपने लड़ाकू विमान तैनात कर दिए।

तनावपूर्ण स्थिति और सैन्य तैनाती

पूर्वी एशिया में सैन्य गतिविधियों का दायरा बढ़ता जा रहा है। दक्षिण कोरियाई सेना ने हाल ही में दावा किया है कि चीन और रूस के लगभग 10 सैन्य विमान उनके 'कोरिया एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन' (KADIZ) के भीतर दाखिल हुए। इस घटना के बाद सोल ने अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत सतर्कता बरतते हुए अपने लड़ाकू विमानों को तैनात किया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इनमें से किसी भी विमान ने दक्षिण कोरिया की वास्तविक संप्रभु हवाई सीमा में प्रवेश नहीं किया।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का बयान

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चीनी और रूसी सैन्य विमानों ने सुनियोजित तरीके से देश के पूर्वी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों के ऊपर स्थित एयर डिफेंस जोन के अंदर उड़ान भरी। विमानों की मौजूदगी कुछ देर बनी रही, जिसके बाद वे वापस लौट गए। सेना ने स्पष्ट किया है कि ये विमान किसी भी समय देश के संप्रभु हवाई क्षेत्र में नहीं घुसे।

अभियान में शामिल थे बमवर्षक और फाइटर जेट

इस पूरे ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण कोरिया ने कोई जोखिम नहीं लिया। सेना के मुताबिक, चीन और रूस के इस साझा अभियान में आधुनिक बमवर्षक (Bombers) और लड़ाकू विमान (Fighter Jets) शामिल थे। दक्षिण कोरियाई रडार प्रणाली ने इन विमानों की गतिविधि को समय रहते ही पकड़ लिया था, जिसके बाद वायुसेना के लड़ाकू विमानों को किसी भी अप्रत्याशित खतरे का मुकाबला करने के लिए अलर्ट मोड पर भेजा गया।

KADIZ क्या है और इसका महत्व

गौरतलब है कि KADIZ कोई आधिकारिक संप्रभु हवाई क्षेत्र नहीं है। यह एक विशेष प्रकार का सुरक्षा क्षेत्र होता है। इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी विदेशी विमान से यह उम्मीद की जाती है कि वह अपनी पहचान पहले ही उजागर करे, ताकि किसी भी प्रकार के सैन्य टकराव या गलतफहमी की गुंजाइश न रहे।

संयुक्त सैन्य अभ्यास का हिस्सा

दक्षिण कोरियाई सेना का प्रारंभिक आकलन यह है कि यह पूरी कवायद चीन और रूस के किसी संयुक्त हवाई सैन्य अभ्यास का हिस्सा रही होगी। दोनों देशों के सैन्य विमान इसी अभ्यास के क्रम में KADIZ के भीतर पहुंचे और अपना मिशन पूरा करके वापस लौट गए।

क्या पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

यह कोई पहली बार नहीं है जब चीन और रूस के विमानों ने इस तरह का कदम उठाया हो। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जब दोनों देशों के कुल नौ सैन्य विमान KADIZ के अंदर देखे गए थे। उस समय दो चीनी और सात रूसी विमानों ने दक्षिण कोरिया के पूर्वी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों के ऊपर काफी देर तक उड़ान भरी थी। उस दौरान सोल ने चीन और रूस के रक्षा अधिकारियों के सामने कड़ा औपचारिक विरोध दर्ज कराया था। इस बार भी क्षेत्र में बढ़ती इस गतिविधि ने सुरक्षा विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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