करौली हाईवे पर चर्चा का विषय बनी पहाड़ जैसी पंचमेवा मिठाई, बनाने में खर्च होते हैं 3 दिन जीवनशैली एक घंटा पहले 6
राजस्थान के करौली में नेशनल हाईवे 23 पर एक अनोखी मिठाई लोगों को खूब लुभा रही है, जिसका आकार किसी पहाड़ जैसा है और इसे तैयार करने में कारीगरों को तीन दिन का समय लगता है।

सड़कों पर दिख रही अनोखी मिठाई

त्योहारों का सीजन आते ही बाजारों में मिठाइयों की भरमार हो जाती है, लेकिन करौली के नेशनल हाईवे-23 पर कुछ अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहाँ सड़क किनारे बिक रही पंचमेवा मिठाई अपने विशाल आकार के कारण राहगीरों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गई है। मिठाई की बनावट ऐसी है कि दूर से देखने पर यह किसी छोटे पहाड़ जैसी प्रतीत होती है, जिसे देखकर लोग रुकने पर मजबूर हो जाते हैं।

कैसे तैयार होती है यह खास मिठाई

इस मिठाई को बनाने वाले व्यापारियों का कहना है कि इसे तैयार करना कोई आसान काम नहीं है। राजीव सिंह, जो पिछले 10 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं, बताते हैं कि इसके निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्रमुख रूप से नारियल, छुहारा, बादाम, किशमिश, चेरी, मूंगफली, सूजी, इलायची और शक्कर का उपयोग होता है। इन सभी सामग्रियों को मिलाकर एक विशेष विधि से पकाया जाता है, जिसमें लगभग दो से तीन दिन का समय लग जाता है।

देशभर में होती है बिक्री

इस मिठाई का व्यापार करने वाले अखिलेश सिंह का कहना है कि वे केवल एक जगह सीमित नहीं रहते, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में हाईवे के किनारे इस विशेष पंचमेवा को बेचते हैं। करौली में इस मिठाई की बिक्री पिछले एक सप्ताह से जारी है। हाईवे किनारे करीब 10 ठेलों पर उत्तर प्रदेश से आए व्यापारी इसे बेच रहे हैं। अपने पारंपरिक स्वाद और विशाल पहाड़ी स्वरूप के कारण, यह मिठाई स्थानीय लोगों और यात्रा कर रहे पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही है। लोग न केवल इसे चख रहे हैं, बल्कि इस अनोखे आकार के कारण इसे खरीदने में खासी दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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