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एक घंटा पहले
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विपक्ष का आंदोलन धीमा पड़ने पर बीजेपी का निशाना
कांग्रेस पार्टी का आक्रामक तेवर फिलहाल ठंडा पड़ता हुआ नजर आ रहा है। पार्टी नेता राहुल गांधी इन दिनों वियतनाम की यात्रा पर गए हुए हैं, जिसके चलते विपक्ष का 'वोट चोरी' के खिलाफ चल रहा आंदोलन अचानक धीमा पड़ गया है। शुक्रवार को बीजेपी को राहुल गांधी पर हमला करने का एक नया मौका मिल गया। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के दौरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष का सड़क से सत्ता तक पहुंचने का सपना टूटता नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों से मुलाकात करने के लिए विदेश गए हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि कांग्रेस इस बार राहुल गांधी की री-लॉन्चिंग के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
चुनाव आयोग के खिलाफ लड़ाई जारी रहने का दावा
राहुल गांधी का बचाव करते हुए कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी राहुल गांधी पर चाहे कितने भी हमले कर ले, लेकिन सच यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दोनों कांग्रेस के डर से परेशान हैं। केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के खिलाफ छेड़ी गई लड़ाई से कांग्रेस पीछे नहीं हटी है। उन्होंने बताया कि आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक एक विशाल और ऐतिहासिक रैली का आयोजन करने जा रहा है। केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा कि चुनाव आयोग के मामले को लेकर पार्टी लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तेमाल किया है और उनके बयान ही यह साबित करने के लिए काफी हैं कि वे डरे हुए हैं। वेणुगोपाल के अनुसार, देश का मिजाज बदल चुका है और जनता ने यह संकल्प ले लिया है कि वे देश में 'वोट चोरी' नहीं होने देंगे।
सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर तंज
केसी वेणुगोपाल के दावों का जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दुनिया भर के देशों में प्रदर्शन और हंगामा होता है, लेकिन भारत इकलौता ऐसा देश है जहां विपक्ष का नेता ही सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के उस बयान की ओर इशारा किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वे अब योजना बनाकर काम नहीं करते। सुधांशु ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी चाहकर भी खुद से कोई निर्णय नहीं ले सकते क्योंकि वे केवल एक एक्जीक्यूटर हैं। उनके हर कदम की पटकथा और योजना विदेशी धरती पर बैठे लोग तैयार करते हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने किया राहुल का समर्थन
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भी इस विवाद में कूदते हुए राहुल गांधी का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश की सत्ता पर बीजेपी का कब्जा है। यदि सरकार को लगता है कि राहुल गांधी का संबंध किसी विदेशी ताकत से है, तो सरकार को इसके पुख्ता सबूत सामने रखने चाहिए। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए राहुल गांधी को बदनाम करना अनुचित है।
राहुल गांधी पर बीजेपी का बड़ा हमला
सुधांशु त्रिवेदी ने फारूक अब्दुल्ला को जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं। बीजेपी सांसद के अनुसार, राहुल गांधी ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनकी लड़ाई इंडियन स्टेट से है, इसलिए उनके खिलाफ किसी अतिरिक्त सबूत की आवश्यकता नहीं है। सुधांशु ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से दागदार रहा है और पार्टी ने हमेशा देश की बर्बादी की नींव पर सत्ता हासिल की है, जिसे राहुल गांधी आगे बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया प्रदर्शन आज पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ।
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