रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की महारैली, 5 लाख लोग होंगे शामिल; भाजपा ने साधा निशाना भारत एक घंटा पहले 4
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की ओर से विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 5 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने 1 नवंबर की तारीख पर सवाल उठाते हुए इसे सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाला कदम बताया है।

देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (I.N.D.I.A.) की ओर से एक विशाल जनसभा आयोजित करने की पूरी योजना तैयार कर ली गई है। इस बहुचर्चित रैली में गठबंधन के सभी घटक दलों के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया है। कांग्रेस पार्टी इस रैली को एक भव्य महारैली का रूप देने के लिए लगातार बैठकों का आयोजन कर रही है। आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से दिल्ली से सटे राज्यों से भीड़ जुटाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। इसके तहत दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के वरिष्ठ नेताओं को जनसमूह लाने का जिम्मा सौंपा गया है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कुल 5 लाख लोगों की विशाल भीड़ एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरी ओर, इस आयोजन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला है। भाजपा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह विपक्ष द्वारा 'जख्मों पर राजनीतिक नमक' छिड़कने जैसा है।

विभिन्न राज्यों को सौंपा गया अलग-अलग लक्ष्य

रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी आलाकमान ने राज्यों के हिसाब से जिम्मेदारियां बांटी हैं:

  • हरियाणा कांग्रेस को अकेले रैली स्थल पर 1 लाख लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है।
  • उत्तर प्रदेश समेत आसपास के अन्य राज्यों को कम से कम 50-50 हजार कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • इस आयोजन को पूरी तरह से कामयाब बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस द्वारा 7 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिनमें प्रमुख नेता कृष्णा तीरथ और नदीम जावेद शामिल हैं।

पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि रामलीला मैदान के मुख्य परिसर के साथ-साथ पूरी दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ता दिखाई दें और इसके लिए व्यापक पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक समीक्षा बैठक की है। इसके बाद आगामी 26 अक्टूबर को दिल्ली में एक और महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें पार्टी के सभी महासचिव, राज्यों के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भाग लेंगे।

30 अक्टूबर को 'मॉक पार्लियामेंट' आयोजित करने की योजना

मुख्य रैली से पहले विपक्षी दलों की ओर से एक अनोखा विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। 30 अक्टूबर को दिल्ली के अशोका होटल में विपक्षी सांसदों द्वारा एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पारित करने की प्रतीकात्मक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इंडिया ब्लॉक के सभी घटक दल इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

इस प्रतीकात्मक संसद के आयोजन से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 800 लोगों की एक विस्तृत सूची तैयार की गई है।
  • कांग्रेस की तरफ से इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के डीसीपी से औपचारिक अनुमति मांगी गई है।
  • यह मॉक पार्लियामेंट पूरी तरह से वास्तविक संसद की तर्ज पर काम करेगी, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के कुल सांसदों की संख्या के अनुपात में ही अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें दोनों सदनों के सांसदों के अलावा नागरिक समाज से जुड़े प्रबुद्ध लोग भी शामिल होंगे।

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने दागे तीखे सवाल

विपक्षी दलों की इस प्रस्तावित रैली और उसकी तारीख को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "राहुल गांधी को आखिर 1 नवंबर को ही दिल्ली में रैली करने की क्या जिद है? 1 नवंबर सिखों के लिए अत्यंत भावुक और दर्दनाक दिन है, क्योंकि इसी तारीख को सिखों का भीषण कत्लेआम हुआ था। क्या राहुल गांधी सिखों के पुराने घावों पर नमक छिड़कना चाहते हैं?"

भाजपा नेता ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन के कई सहयोगी दल भी रैली की इस तारीख को बदलना चाहते थे, लेकिन राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे और किसी की नहीं मानी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राहुल गांधी का वही अड़ियल स्वभाव और चेहरा है, जो जिद करने पर सिखों की भावनाओं के साथ क्रूरता करने से भी नहीं हिचकते। रविशंकर प्रसाद ने याद दिलाया कि सिख दंगों के समय भी 'जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती कांपती है' जैसा बयान देकर हिंसा को सही ठहराने की कोशिश की गई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेश जाकर जोकरई करते हैं और वहां पगड़ी की बात करते हैं, लेकिन देश में बाल हठ पर अड़े रहते हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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