डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बताया अमेरिका का 'नया इलाका', नक्शा शेयर कर बढ़ाई मिडिल ईस्ट में हलचल विश्व 16 घंटे पहले 18
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नक्शा साझा कर उसे अमेरिका का नया क्षेत्र घोषित किया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया कदम ने मध्य पूर्व में नए सिरे से राजनीतिक और सैन्य सरगर्मियां तेज कर दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही जारी तनावपूर्ण माहौल के बीच ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को अमेरिका का नया क्षेत्र बताया है। इस दावे के साथ ही ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक नक्शा भी साझा किया है, जिसने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।

डोनाल्ड ट्रंप का सोशल मीडिया पर विवादित दावा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का एक नक्शा पोस्ट किया। इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, "न्यूज़ U.S. टेरिटरी। होर्मुज स्ट्रेट।" ट्रंप की इस पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में खलबली मचा दी है। यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस क्षेत्र पर अपना दावा ठोका है। इससे पहले, 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जल्द ही अमेरिकी क्षेत्र घोषित किया जाएगा। इसके ठीक बाद, 18 अगस्त को भी उन्होंने इसी तस्वीर को दोबारा साझा करते हुए अपने दावों को दोहराया था।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका और ईरान का पुराना टकराव

इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है। अमेरिकी प्रशासन का लगातार यह रुख रहा है कि तेहरान को इस जलमार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और यातायात के लिए खुला रखना होगा। दूसरी ओर, ईरान इस क्षेत्र पर अपना संप्रभु अधिकार मानता है। ईरान का स्पष्ट कहना है कि होर्मुज पूरी तरह से उसके नियंत्रण में रहेगा और इस क्षेत्र में उसकी मर्जी के बिना कोई गतिविधि नहीं हो सकती। ट्रंप के इस ताजा दावे के बाद ईरान ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

ईरान का कड़ा रुख: 'अब सिर्फ बातचीत से काम नहीं चलेगा'

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि तेहरान तब तक होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा जब तक वाशिंगटन अपने वादों को पूरा नहीं करता और अपने रवैये में बदलाव नहीं लाता। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, रेज़ाई ने चेतावनी देते हुए कहा है:

"स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ बंद है और इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा। यदि अमेरिका अपने व्यवहार में बदलाव लाता है और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है, तभी स्थितियां और समीकरण बदल सकते हैं। लेकिन इस बार अमेरिका को केवल बातों से काम नहीं चलाना होगा, बल्कि ठोस कदम उठाने होंगे। इस मसले को महज बातचीत से हल नहीं किया जा सकता।"
करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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