अरबी के पत्तों के कुरकुरे पकौड़े: मानसून में चाय के साथ इस चटपटे देसी स्वाद का उठाएं लुत्फ जीवनशैली एक घंटा पहले 2
मानसून की बारिश के दौरान गरमा-गरम और चटपटे पकौड़े खाने का अपना ही मजा है। अगर आप आलू-प्याज से हटकर कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो अरबी के पत्तों के पकौड़े (पतौड़) आपके लिए एक शानदार विकल्प हैं, जो सेहत और स्वाद का बेहतरीन मेल हैं।

मानसून की बहार और पकौड़ों का स्वाद

राजस्थान के भीलवाड़ा समेत राज्य के कई हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है। जैसे ही आसमान से बारिश की बूंदें गिरना शुरू होती हैं, वैसे ही हमारा मन कुछ तीखा, चटपटा और गरमा-गरम खाने के लिए मचलने लगता है। अमूमन लोग बारिश में आलू या प्याज के पकौड़े बनाते हैं, लेकिन यदि आप इस बार कुछ नया और पारंपरिक आजमाना चाहते हैं, तो अरबी के पत्तों के पकौड़े यानी पतौड़ आपके नाश्ते की थाली के लिए एक लाजवाब डिश हो सकते हैं। मानसून के दौरान स्थानीय बाजारों में ताजे और हरे-भरे अरबी के पत्तों की आवक काफी बढ़ जाती है, जिससे इन्हें बनाना और भी आसान हो जाता है।

कैसे तैयार करें स्वादिष्ट पकौड़े

भीलवाड़ा की निवासी पूजा कुमारी सांखला बताती हैं कि अरबी के पत्तों के पकौड़ों का स्वाद बाहर से जितना क्रिस्पी होता है, अंदर से ये उतने ही मसालेदार और नरम होते हैं। इन्हें बनाने की प्रक्रिया भले ही थोड़ी लंबी लगे, लेकिन इसका अंतिम परिणाम बहुत संतोषजनक होता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले बेसन का एक गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है। इस घोल में मुख्य रूप से लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर, अजवाइन और स्वाद अनुसार नमक मिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त, इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, बारीक कटी हुई हरी मिर्च और थोड़ा सा नींबू का रस डालने से पकौड़ों का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है और चटपटापन आता है।

भाप में पकाने की खास तकनीक

जब बैटर पूरी तरह तैयार हो जाए, तो साफ धुले और सूखे हुए अरबी के पत्तों को समतल जगह पर बिछाया जाता है। पत्तों पर बेसन का तैयार मिश्रण अच्छी तरह से फैलाया जाता है और फिर पत्तों को एक के ऊपर एक रखकर सावधानीपूर्वक रोल किया जाता है। इन रोल्स को भाप यानी स्टीम में पकाया जाता है, जिससे पत्ते और बेसन अच्छी तरह से सेट हो जाते हैं। एक बार जब ये रोल स्टीम होकर ठंडे हो जाएं, तो इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। अंत में, इन टुकड़ों को तेल में फ्राई किया जाता है, जिससे बाहर की परत बेहद कुरकुरी और अंदर की सामग्री मसालेदार व नरम हो जाती है।

चाय के साथ बेहतरीन तालमेल

इन गरमा-गरम पकौड़ों को आप तीखी हरी चटनी या फिर खट्टी-मीठी इमली की चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं। मानसून की सुहानी शाम में एक कप कड़क चाय और ये देसी पकौड़े पूरे परिवार का मूड तरोताजा करने के लिए काफी हैं। यदि आप भी इस मानसून में कुछ पारंपरिक और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए एकदम सटीक है।

सेहत के लिए अरबी के पत्तों के फायदे

अरबी के पत्ते न केवल स्वाद में बेहतरीन हैं, बल्कि ये स्वास्थ्य के लिए भी काफी गुणकारी साबित होते हैं। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर, महत्वपूर्ण विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर को पोषण प्रदान करते हैं। हालाँकि, पकौड़ों को डीप फ्राई करने से उनमें कैलोरी और फैट की मात्रा बढ़ जाती है। यदि आप स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं, तो इसे एयर फ्रायर का उपयोग करके या बहुत कम तेल में शैलो फ्राई करके भी बना सकते हैं। एक विशेष सलाह यह भी है कि जिन लोगों का पेट संवेदनशील है, उन्हें अरबी के पत्तों को हमेशा अच्छी तरह उबालकर या भाप में पकाकर ही खाना चाहिए ताकि उनका सेवन पूरी तरह सुरक्षित रहे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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