रांची में फेस्टिव सीजन की धूम, मिट्टी की ज्वेलरी से लेकर डिजाइनर बैग्स ने बढ़ाई रौनक झारखंड एक घंटा पहले 5
रांची के बाजारों में फेस्टिव सीजन को देखते हुए एक से बढ़कर एक हस्तनिर्मित और इको-फ्रेंडली कलेक्शन उपलब्ध हैं। यहां मिट्टी की ज्वेलरी से लेकर मोती के बैग और बनारसी साड़ियों तक का शानदार कलेक्शन लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

त्योहारी सीजन के लिए सज गया है रांची का बाजार

जैसे-जैसे फेस्टिव सीजन करीब आ रहा है, वैसे-वैसे रांची के बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है। इस बार के त्योहारी सीजन में बाजार में जो कलेक्शन देखने को मिल रहा है, वह बेहद यूनिक और आकर्षक है। अगर आप भी इस पूजा के दौरान भीड़ से कुछ अलग दिखना चाहती हैं, तो रांची का बाजार आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यहां बांस के डिजाइनर हैंडबैग से लेकर मिट्टी से बनी ज्वेलरी तक का शानदार कलेक्शन उपलब्ध है, जो न केवल देखने में स्टाइलिश है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और किफायती भी है।

समुद्री सीप और कपड़ों का अनोखा संगम

इस बार ज्वेलरी में हैंडमेड उत्पादों का क्रेज काफी बढ़ गया है। रांची के बाजारों में समुद्री सीप और कपड़ों के बेहतरीन मेल से बनी चूड़ियां उपलब्ध हैं। इन चूड़ियों की खासियत यह है कि इनमें कपड़ों पर सीप के जरिए नक्काशी की गई है, जो इन्हें एक आधुनिक और पारंपरिक लुक देती है। यह कॉम्बिनेशन आपको किसी भी मौके पर एक अलग पहचान दिला सकता है। चूड़ियों के साथ-साथ इन सीपों से बने नेकलेस भी काफी चलन में हैं, जिन्हें महिलाएं अपने परिधानों के साथ मैच करके पहन सकती हैं।

मिट्टी की ज्वेलरी का जलवा

मिट्टी से बनी ज्वेलरी इस बार के सीजन का सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। पकी हुई मिट्टी से तैयार किए गए झुमके और गले के सेट लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। रांची के रेडिसन ब्लू में चल रही एग्जीबिशन में इसे बेचने वालीं पल्लवी बताती हैं कि मिट्टी की ज्वेलरी को पहनकर आप एक बहुत ही क्लासिक और एथनिक लुक पा सकती हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ज्वेलरी काफी सस्ती है, जो महज ₹100 की रेंज में आसानी से मिल जाती है। जो लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन चुनाव है। इन पर सोहराय और वर्ली जैसी पारंपरिक पेंटिंग्स बनी होती हैं, जो इनके लुक को और भी निखार देती हैं।

हाथों से बने मोती के हैंडबैग

अगर आपको स्टाइलिश बैग्स का शौक है, तो इस बार मोती से बने हैंडबैग आपके लिए एक परफेक्ट चॉइस हो सकते हैं। इन बैग्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मशीन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता। इसे बेचने वालीं सुषमा का कहना है कि एक-एक मोती को हाथों से पिरोकर और डिजाइन देकर तैयार किया जाता है। मशीन के काम से दूर, इन बैग्स में जो बारीकी और फिनिशिंग है, वह आपको महंगे से महंगे ब्रांडेड बैग्स में भी नहीं मिलेगी। इन बैग्स की कीमत ₹250 से शुरू होकर ₹2000 तक जाती है। आप अपने कपड़ों के साथ मैचिंग के हिसाब से इन्हें चुन सकती हैं, जो आपको एक रॉयल लुक प्रदान करेगा।

खास बनारसी साड़ियों की डिमांड

पूजा के अवसर को देखते हुए बाजारों में विशेष बनारसी साड़ियों का कलेक्शन भी उतारा गया है। इन साड़ियों की कीमत ₹6000 तक है। इस बारे में जानकारी देते हुए संदीप बताते हैं कि ये साड़ियां विशेष रूप से बनारस से मंगवाई गई हैं और इनमें पूरा काम हाथ से किया गया है। यह साड़ियां न केवल पहनने में शानदार हैं, बल्कि अपनी मजबूती के लिए भी जानी जाती हैं। उनका दावा है कि सही देखरेख में ये साड़ियां आने वाले 30 से 40 साल तक बिल्कुल नई जैसी बनी रह सकती हैं। इन्हीं खासियतों के कारण महिलाओं के बीच इनकी डिमांड काफी अधिक है।

क्यों चुनें हैंडमेड उत्पाद?

फेस्टिव सीजन में मार्केट से खरीदारी करते समय हैंडमेड उत्पादों को चुनने के कई फायदे हैं:

  • यह पर्यावरण के अनुकूल हैं और प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों से मुक्त हैं।
  • हस्तनिर्मित होने के कारण हर पीस अपने आप में अनूठा और ओरिजिनल होता है।
  • आपकी खरीदारी से स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को बढ़ावा मिलता है।
  • यह बाजार में मौजूद मशीनी उत्पादों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ और रचनात्मक होते हैं।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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