गोरखपुर में गरजे सीएम योगी: कहा, माफिया और मच्छर की तरह एंसेफलाइटिस का भी हो गया खात्मा उत्तर प्रदेश 3 घंटे पहले 11
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में पुराने दौर की स्वास्थ्य चुनौतियों को याद करते हुए कहा कि राज्य ने एंसेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी और माफिया राज पर पूरी तरह काबू पा लिया है।

पुराने दौर की कड़वी यादें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एंसेफलाइटिस के खौफनाक दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब यह सीजन हर जागरूक माता-पिता के लिए चिंता का विषय हुआ करता था। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एंसेफलाइटिस, माफिया और मच्छरों की तरह अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि 7 से 8 साल पहले गोरखपुर और पूरे उत्तर प्रदेश की जो स्थिति थी, वह किसी से छिपी नहीं है। आज हम उस दौर से बाहर निकल आए हैं और एक नए गोरखपुर, नए उत्तर प्रदेश तथा नए भारत का निर्माण होते देख रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का जिक्र

सीएम योगी ने पुरानी स्वास्थ्य सुविधाओं की दुर्दशा पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि उस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का एकमात्र केंद्र हुआ करता था, जहां अव्यवस्थाओं का आलम यह था कि एक ही बेड पर चार-चार मरीज लेटे रहते थे। इतना ही नहीं, तीसरी मंजिल पर बिना पंखे और बिना शौचालय के मरीज उपचार कराने को मजबूर थे। इन कठिन परिस्थितियों में इलाज की स्थिति कैसी रही होगी, इसका अंदाजा आज की बेहतर व्यवस्थाओं को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है।

मेडिकल कॉलेज में आया बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर स्थित मेडिकल कॉलेज की तारीफ करते हुए कहा कि आज यह संस्थान सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं के साथ एंसेफलाइटिस सहित अन्य सभी प्रकार की बीमारियों के इलाज का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने याद दिलाया कि जो मेडिकल कॉलेज आज से 9 वर्ष पहले खुद अस्वस्थ और बदहाल था, आज वह स्वास्थ्य सेवाओं के एक मजबूत स्तंभ के रूप में खुद को स्थापित करने में पूरी तरह सफल रहा है।

उत्तर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य का विस्तार

प्रदेश में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर कभी एक बदनुमा दाग लगा हुआ था, जहां हर जिले में दुर्दांत माफियाओं का बोलबाला था। इन माफियाओं के कारण राज्य के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। अब माफियाओं का अंत हो चुका है और राज्य ने 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य को हासिल करने में सफलता पाई है। आज उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 85 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं और राज्य में 2 एम्स भी सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं, जो नए उत्तर प्रदेश की असली पहचान हैं।

बचपन को बचाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि पहले का दौर बहुत कठिन था, जब एंसेफलाइटिस से बच्चों को तड़पते हुए और बचपन को दम तोड़ते देखना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जिस देश का बचपन असमय काल का ग्रास बन जाए, उसका भविष्य समृद्ध नहीं हो सकता। यही स्थिति 9 साल पहले तक देखने को मिलती थी, लेकिन अब उस पर पूर्ण विराम लग चुका है।

डॉक्टरों और व्यापारियों की सुरक्षा

सीएम योगी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें खुद गोरखपुर की सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। कभी डॉक्टरों का अपहरण होता था, कभी उनसे वसूली की जाती थी, तो कभी उनके चैंबर में घुसकर मारपीट की जाती थी। लेकिन आज गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के अंदर हर व्यापारी, नागरिक और डॉक्टर खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने गोरखपुर के डॉक्टरों की कार्यक्षमता और प्रतिभा की सराहना की। इससे पूर्व वाराणसी की एक सभा का हवाला देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पहले के जर्जर आंगनवाड़ी केंद्र अब कायाकल्प के बाद देखने लायक और व्यवस्थित हो गए हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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