झारखंड में मतदाता सूची के लिए SIR अभियान शुरू, घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे बीएलओ झारखंड 2 महीने पहले 40
झारखंड में मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत कर दी गई है, जिसके तहत 29 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।

झारखंड में एसआईआर अभियान का आगाज

झारखंड में लोकतंत्र की मजबूती और मतदाता सूची को पूरी तरह से सटीक और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक बड़े अभियान का शंखनाद हो चुका है। राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया शुरू की गई है। राजधानी रांची सहित राज्य भर के तमाम मतदान केंद्रों और बूथों पर इस प्रक्रिया के शुरू होते ही प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य फर्जी मतदाताओं के नाम सूची से हटाना और सभी पात्र व वास्तविक मतदाताओं को जोड़ना है, ताकि एक पारदर्शी सूची तैयार की जा सके।

29 जुलाई तक घर-घर दस्तक देंगे बीएलओ

यह महत्वपूर्ण अभियान 29 जुलाई तक अनवरत जारी रहेगा। रांची के हटिया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों पर इस काम के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हटिया के बूथ संख्या 105 से लेकर 109 तक तैनात बीएलओ (BLO) ने जानकारी दी है कि इस दौरान क्षेत्र के प्रत्येक मतदाता को सत्यापन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए बीएलओ खुद मतदाताओं के घर-घर जाकर यह फॉर्म भरवाएंगे और आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इस जमीनी सत्यापन से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि मतदाता अभी भी उसी पते पर निवास कर रहा है या नहीं।

बूथों पर बीएलओ और राजनीतिक एजेंटों की समन्वय बैठक

अभियान के पहले दिन राज्य के लगभग सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ सुपरवाइजरों की निगरानी में एक अहम बैठक हुई। इन बैठकों में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए-2 (BLA-2) मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी राजनीतिक दल प्रक्रिया को लेकर आश्वस्त हों और उनके क्षेत्र का कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहने पाए। इन बैठकों के माध्यम से राजनीतिक प्रतिनिधियों को एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से परखने और समझने का अवसर दिया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विशेष जोर

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस बार मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में आधुनिक तकनीक और जमीनी हकीकत यानी फिजिकल वेरिफिकेशन का तालमेल बिठाया जा रहा है। घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने की इस कवायद से उन मतदाताओं की पहचान करने में आसानी होगी, जो या तो उस स्थान से कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं या फिर जिनका निधन हो चुका है। इस कड़ी भौतिक सत्यापन प्रक्रिया के बाद जो नई मतदाता सूची तैयार होगी, वह भविष्य में होने वाले चुनावों के दौरान निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान की नींव रखेगी। प्रशासन ने आम जनता से भी इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने और बीएलओ को सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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